सदन में जयराम महतो का सवाल: 54% आबादी वाले पिछड़ों को बजट में क्यों नहीं मिल रही हिस्सेदारी?
Jairam Mahato ने Jharkhand Vidhan Sabha के बजट सत्र में पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यकों की हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में 54% आबादी पिछड़ों की है, फिर भी बजट और योजनाओं में उनकी भागीदारी सीमित दिखाई देती है.

Ranchi: Jharkhand Vidhan Sabha के बजट सत्र के दौरान डुमरी से विधायक Jairam Mahato ने राज्य के बजट में पिछड़े वर्ग, दलितों और अल्पसंख्यकों की हिस्सेदारी को लेकर सरकार से कई अहम सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी इन वर्गों से आती है, फिर भी बजट में उनकी भागीदारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिखती. जयराम महतो ने दावा किया कि झारखंड में पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 54 प्रतिशत है, लेकिन उनके लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति और विकास योजनाओं में पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि बजट का वितरण जनसंख्या के अनुपात के आधार पर होना चाहिए ताकि सभी वर्गों को समान अवसर और न्याय मिल सके. साथ ही उन्होंने सामाजिक न्याय से जुड़े कई मुद्दों को सदन के सामने रखते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की.
तीन वर्षों से नहीं मिली छात्रवृत्ति
सदन में बोलते हुए Jairam Mahato ने कहा कि राज्य में पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 54 प्रतिशत बताई जाती है, लेकिन बजट में उनकी हिस्सेदारी सीमित दिखाई देती है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़ा वर्ग के कई छात्रों को पिछले तीन वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की.
छात्रावास और योजनाओं को लेकर सुझाव
विधायक ने अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए बड़े शहरों में बनाए जा रहे आधुनिक छात्रावासों का स्वागत किया. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि मुस्लिम, दलित और पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए भी इसी तरह के आधुनिक छात्रावास बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें भी बेहतर शिक्षा और रहने की सुविधाएं मिल सकें. उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर देना सामाजिक न्याय की दिशा में अहम कदम होगा.
अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक योजनाओं पर जोर
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग में कई अहम पद खाली पड़े हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में दिक्कत आ रही है. उन्होंने इन पदों को जल्द भरने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने रांची से हज यात्रा के लिए बंद हो चुकी हवाई सुविधा को फिर से शुरू करने का सुझाव दिया. दलित समाज के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उन्होंने Dalit Bandhu Scheme जैसी योजना का उदाहरण देते हुए झारखंड में भी इसी तरह की पहल करने की बात कही. साथ ही दिव्यांग, वृद्ध, विधवा और ट्रांसजेंडर लोगों को मिलने वाली पेंशन राशि बढ़ाने की मांग भी सरकार से की.

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