Giridih: गिरिडीह जिले में नवंबर 2024 में हुए एक जघन्य और रहस्यमय हत्याकांड का आखिरकार खुलासा हो गया है. लंबे समय से अनसुलझे इस मामले में गिरिडीह पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. लगातार तकनीकी जांच, पुराने साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा और मानवीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाई है. इस खुलासे के बाद मृतक के परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है. यह मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र का है, जहां सिमरिया मोड़ स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र के पास गली में एक युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ था. शव पर धारदार हथियार से किए गए कई वार साफ तौर पर नृशंस हत्या की ओर इशारा कर रहे थे. मृतक की पहचान हेलीडीह निवासी स्वर्गीय राजू दास के 30 वर्षीय पुत्र छंटू दास के रूप में हुई थी.
घटना और प्रारंभिक जांच
घटना के बाद मृतक की पत्नी धनबंती देवी के बयान पर मुफस्सिल थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. शुरुआती जांच में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, लेकिन ठोस सबूतों के अभाव में आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहे. समय बीतने के साथ मामला ठंडे बस्ते में चला गया और वर्षों तक यह हत्याकांड पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहा.
पुराने केस का खुलासा और गिरफ्तारी
एसपी के निर्देश पर हाल के दिनों में इस पुराने हत्याकांड की फाइल दोबारा खोली गई. एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया, जिसने कॉल डिटेल्स, स्थानीय गतिविधियों और गुप्त सूचनाओं का नए सिरे से विश्लेषण किया. जांच के बाद पुलिस ने पीपराटांड़ और बरवाडीह निवासी रहबर अंसारी उर्फ छोटू तथा शमीम अंसारी उर्फ अफसर उर्फ लंगड़ा को गिरफ्तार किया. पूछताछ में दोनों ने हत्या में संलिप्तता स्वीकार की.
आरोपियों की निशानदेही पर हथियार बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है. एसडीपीओ जीतवाहन उराव के अनुसार, हत्या का कारण आपसी रंजिश और पुराना विवाद बताया जा रहा है. इस पूरी कार्रवाई में मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे. पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.

