DUSU Election 2026: किसान परिवार की रिया छाबड़ी बनीं दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ की सचिव, ABVP ने जीते 3 पद
“DUSU Election 2026 में ABVP की रिया छाबड़ी ने सचिव पद पर जीत दर्ज की. किसान परिवार से आने वाली रिया ने NSUI की नम्रता चौधरी को 6,781 वोटों से हराया. दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने तीन केंद्रीय पदों पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शोकीन के खाते में गया.”

New Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव 2026 के नतीजों ने कैंपस की छात्र राजनीति की तस्वीर साफ कर दी है. ABVP ने डूसू के चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गया. अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे. सबसे ज्यादा चर्चा सचिव पद के नतीजे और रिया छाबड़ी की जीत की है. बदरपुर के मोड़बंद गांव से आने वाली रिया किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं और श्री अरबिंदो कॉलेज में बीए प्रोग्राम के चौथे वर्ष की छात्रा हैं. इंटर-कॉलेज स्तर की बास्केटबॉल खिलाड़ी रिया ने सचिव पद पर 21,650 वोट हासिल किए.
बदरपुर के किसान परिवार से डूसू के केंद्र तक पहुंचीं रिया
रिया छाबड़ी की कहानी डूसू चुनाव के नतीजे से आगे जाती है. दिल्ली के बदरपुर स्थित मोड़बंद गांव से आने वाली रिया का संबंध किसान परिवार से है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री अरबिंदो कॉलेज में पढ़ाई की और फिलहाल बीए प्रोग्राम के चौथे वर्ष में हैं. पढ़ाई के साथ उनकी पहचान खेल के मैदान से भी बनी. वह इंटर-कॉलेज स्तर की बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं. चुनाव से पहले ABVP ने उन्हें सचिव पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था और उनके प्रोफाइल में छात्र जीवन के साथ खेल पृष्ठभूमि को भी प्रमुखता मिली. सचिव पद के चुनाव में रिया ने 21,650 वोट हासिल किए, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले. यानी दोनों के बीच 6,781 वोटों का अंतर रहा. तीसरे स्थान पर AISA-SFI की स्टैनजिन डेस्क्योंग रहीं, जिन्हें 8,734 वोट मिले. नतीजों के साथ रिया अब डूसू के केंद्रीय पैनल में सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगी.
पहले राउंड से बढ़त, आखिर तक कायम रहा रिया का दबदबा
सचिव पद की मतगणना में रिया छाबड़ी ने शुरुआत से ही अपनी बढ़त बनाए रखी. शुरुआती राउंड में कुछ पदों पर ABVP उम्मीदवार पीछे चल रहे थे, लेकिन सचिव पद पर रिया लगातार आगे रहीं. 10वें राउंड में उनके खाते में 9,954 वोट थे, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी 7,712 वोट पर थीं. 18वें राउंड तक रिया की बढ़त बढ़कर 4,915 वोट हो चुकी थी. अंतिम परिणाम में यह अंतर 6,781 वोट तक पहुंच गया. डूसू चुनाव में इस बार कुल मतदान 40.46 प्रतिशत रहा. 18 सितंबर को मतदान के बाद 19 सितंबर को वोटों की गिनती हुई. करीब 22 राउंड की मतगणना के दौरान अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर मुकाबला कई चरणों में बेहद करीबी रहा, लेकिन सचिव पद पर रिया ने अपनी स्थिति लगातार मजबूत रखी.
ABVP के तीन चेहरे जीते, एक सीट निर्दलीय के नाम
डूसू के चार केंद्रीय पदों के नतीजों में ABVP को तीन सीटें मिलीं. अध्यक्ष पद पर यश डबास ने 24,576 वोट हासिल कर NSUI के विजय शंकर मीणा को हराया, जिन्हें 22,523 वोट मिले. उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट के साथ जीत दर्ज की. वह NSUI से जुड़े रहे हैं और इस चुनाव में निर्दलीय मैदान में उतरे थे. संयुक्त सचिव पद पर भी ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की. उन्हें 16,615 वोट मिले, जबकि SCS के विशेष यादव को 15,778 और NSUI के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले. इस तरह चार केंद्रीय पदों में अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव ABVP के खाते में गए, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के पास गया.
कैंपस की राजनीति में रिया के सामने अब नई जिम्मेदारी
चुनाव प्रचार के दौरान रिया छाबड़ी ने छात्राओं से जुड़े मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में रखा था. ABVP के सोशल मीडिया पर साझा किए गए उनके वीडियो में उन्होंने छात्राओं के साथ भेदभाव और उनकी परेशानियों के खिलाफ काम करने की बात कही थी. अब चुनाव जीतने के बाद उनके सामने इन मुद्दों को छात्रसंघ की भूमिका में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी. रिया की जीत को सिर्फ एक चुनावी आंकड़े के तौर पर देखने के बजाय उनके व्यक्तिगत सफर से भी जोड़कर देखा जा रहा है. किसान परिवार से आने वाली एक छात्रा, जिसने बास्केटबॉल के मैदान पर कॉलेज स्तर पर पहचान बनाई, अब दिल्ली यूनिवर्सिटी के सबसे चर्चित छात्रसंघ पदों में से एक की जिम्मेदारी संभालेंगी. दूसरी तरफ ABVP के लिए तीन केंद्रीय पदों की जीत डूसू के मौजूदा चुनावी समीकरण में उसकी मौजूदगी को दिखाती है.
डूसू में तीन सीटें ABVP की, उपाध्यक्ष निर्दलीय
19 सितंबर को घोषित नतीजों के बाद डूसू के केंद्रीय पैनल की तस्वीर इस तरह है—अध्यक्ष यश डबास (ABVP), उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन (निर्दलीय), सचिव रिया छाबड़ी (ABVP) और संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह (ABVP). यानी चार में से तीन पद ABVP के पास गए. इस चुनाव में अध्यक्ष पद की लड़ाई भी अंतिम चरण तक दिलचस्प रही और उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन की जीत ने अलग तस्वीर पेश की. लेकिन सचिव पद पर रिया छाबड़ी की लगातार बढ़त और अंतिम नतीजे में 21,650 वोट के साथ जीत ने उन्हें डूसू के नए चेहरों में प्रमुख बना दिया है. अब उनकी असली परीक्षा चुनावी जीत के बाद शुरू होगी—जहां कैंपस के छात्र मुद्दों को लेकर उनकी भूमिका और प्राथमिकताएं सामने आएंगी.

