जनशताब्दी के इंजन में महिला का सिर मिलने के बाद नया खुलासा, गोमो से ही आ रही थी बदबू
“पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस के इंजन में महिला का कटा सिर मिलने के बाद अब पुलिस के सामने उसकी पहचान और मौत की परिस्थितियों का पता लगाने की चुनौती है. गोमो से ही इंजन से बदबू आने लगी थी, जो चंद्रपुरा तक तेज हो गई। बोकारो स्टेशन पर जांच के दौरान सिर बरामद हुआ. ”

Bokaro: पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस के इंजन से महिला का कटा हुआ सिर मिलने की घटना के बाद अब जांच उस सवाल पर टिक गई है कि आखिर महिला कौन थी और उसका सिर ट्रेन के इंजन के अगले हिस्से तक कैसे पहुंचा? शनिवार को बोकारो रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना के बाद आरपीएफ और जीआरपी ने मानव अवशेष को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी में महिला की उम्र करीब 50 साल बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है. जांच में यह भी सामने आया कि गोमो से ही इंजन के आगे से बदबू आ रही थी. चंद्रपुरा तक पहुंचते-पहुंचते बदबू तेज हुई और बोकारो में जांच के दौरान सिर बरामद हुआ. अब पुलिस रेलवे रूट और आसपास के इलाकों में भी सुराग तलाश रही है.
गोमो से उठी बदबू, बोकारो में खुला राज
जनशताब्दी एक्सप्रेस के इंजन से असामान्य बदबू आने का सिलसिला बोकारो पहुंचने से पहले ही शुरू हो गया था. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक गोमो स्टेशन पर चालक बदला गया था. इसी दौरान इंजन के आगे से बदबू आने की सूचना मिली. शुरुआती तौर पर रेलकर्मियों को आशंका थी कि शायद कोई चूहा या छोटा जानवर इंजन के किसी हिस्से में फंस गया हो. इसके बाद ट्रेन चंद्रपुरा पहुंची तो बदबू और तेज हो गई. शनिवार सुबह करीब 11:35 बजे ट्रेन बोकारो रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची. लोको पायलट ने इंजन के अगले हिस्से की जांच की तो मामला कहीं ज्यादा गंभीर निकला. कैटल गार्ड के पास बने हिस्से में मानव सिर दिखाई दिया. सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और उसे बाहर निकाला.
पहचान अब तक नहीं, शरीर के बाकी हिस्सों की भी तलाश
अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा महिला की पहचान और उसकी मौत की परिस्थितियों को समझना है. आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार सिर काफी खराब स्थिति में था. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला का सिर इंजन के अगले हिस्से तक किस परिस्थिति में पहुंचा और वहां तक इसे कब लाया गया. फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो सकी है. करीब 50 वर्ष की उम्र का अनुमान लगाया गया है. पुलिस शरीर के अन्य हिस्सों की तलाश और पहचान की प्रक्रिया भी कर रही है. इसके लिए रेलवे रूट से जुड़े इलाकों और आसपास के संभावित स्थानों की जांच की जा रही है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मामला ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौत का है या इसके पीछे कोई दूसरी परिस्थिति है. जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के बाद ही तस्वीर साफ होगी.
करीब एक घंटे रुकी ट्रेन, 12:33 बजे रांची रवाना
घटना के बाद बोकारो स्टेशन पर जनशताब्दी एक्सप्रेस की जांच की गई और जरूरी कार्रवाई पूरी की गई. स्टेशन प्रबंधक संतोष कुमार नायक के अनुसार ट्रेन सुबह 11:35 बजे प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची थी और पायलट ने वॉकी-टॉकी से कंट्रोल को इंजन के आगे मानव अवशेष होने की सूचना दी. इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने इंजन की तलाशी ली. मानव अवशेष को हटाने और जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद ट्रेन को दोपहर 12:33 बजे रांची के लिए रवाना किया गया. ट्रेन की आगे की यात्रा बहाल हो गई, लेकिन इस घटना की जांच अब भी जारी है. फिलहाल पुलिस के सामने दो अहम सवाल हैं—मृतका की पहचान कौन करेगा और वह इंजन के अगले हिस्से तक पहुंची कैसे? इन दोनों सवालों के जवाब जांच की दिशा तय करेंगे.




