दक्षिण भारत में फिर बढ़ने लगे Corona के मामले! क्या लौट रही है महामारी या सिर्फ मौसमी उछाल? समझिए पूरी तस्वीर
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं. आंध्र प्रदेश में कुल 49 केस और चार मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि तेलंगाना ने भी निगरानी बढ़ा दी है, जानिए क्या यह नई लहर की शुरुआत है या सिर्फ सामान्य बढ़ोतरी.


कोरोना महामारी की भयावह तस्वीर शायद ही किसी के ज़ेहन से मिट पाई हो. अस्पतालों के बाहर लंबी कतारें, ऑक्सीजन की कमी, मास्क और सैनिटाइज़र की अनिवार्यता और लॉकडाउन का दौर आज भी लोगों को याद है. ऐसे में जब एक बार फिर देश के कुछ राज्यों से COVID-19 के मामलों में बढ़ोतरी की खबरें आने लगी हैं, तो लोगों के मन में वही सवाल उठ रहा है - क्या कोरोना फिर लौट रहा है? फिलहाल विशेषज्ञों का जवाब है - सतर्क रहिए, लेकिन घबराइए नहीं. मौजूदा स्थिति महामारी जैसी नहीं है, हालांकि संक्रमण पर नजर बनाए रखने की जरूरत जरूर है.
आंध्र प्रदेश में 49 केस, तेलंगाना भी अलर्ट... आखिर क्या है मौजूदा स्थिति?
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में पिछले कुछ हफ्तों से कोविड-19 संक्रमण के मामलों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. आंध्र प्रदेश में शनिवार को 10 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 49 हो गई है. अब तक संक्रमण से चार लोगों की मौत दर्ज की गई है. राज्य सरकार के मुताबिक, 24 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 16 संक्रमित घर पर मेडिकल निगरानी में हैं. वहीं, पांच मरीज ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं. जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी गोदावरी में सबसे ज्यादा 11 मामले सामने आए हैं. इसके बाद गुंटूर (9), कडप्पा (8), विशाखापत्तनम (5), एनटीआर (3) और काकीनाडा, एलुरु तथा बापटला में दो-दो मामले दर्ज किए गए हैं.
वहीं, तेलंगाना में भी स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है. राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक डॉ. बी. रविंदर नायक का कहना है कि फिलहाल मामलों में जो बढ़ोतरी दिख रही है, वह हल्की है और पिछले साल इसी अवधि के ट्रेंड जैसी ही है. उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है.
क्या फिर से महामारी का खतरा है? विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा बढ़ोतरी को महामारी की नई लहर कहना अभी जल्दबाजी होगी. हालांकि, संक्रमण की निगरानी लगातार की जा रही है और अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई सरकारी अस्पतालों में कोविड बेड तैयार रखे गए हैं, जबकि सेकेंडरी लेवल अस्पतालों को भी आइसोलेशन बेड अलग रखनेके निर्देश दिए गए हैं. संदिग्ध मरीजों की टेस्टिंग जारी है और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. इससे पहले कुछ रिपोर्टों में ओमिक्रॉन के RF.5 सब-वेरिएंट को बढ़ते मामलों की एक संभावित वजह बताया गया था. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस पर लगातार वैज्ञानिक निगरानी की जा रही है.
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में कोविड-19 की स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. मंत्रालय ने बताया कि इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP), ICMR, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर और अन्य विशेषज्ञ संस्थानों के आकलन के आधार पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
विशेषज्ञों की सलाह है कि बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतें, जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें और संक्रमण जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यही सावधानियां मौसमी फ्लू और अन्य श्वसन संबंधी संक्रमणों से बचाव में भी मददगार साबित हो सकती हैं.

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