एक पिता की गुहार CM हेमंत सोरेन ने सुनी, बेटे अनूप के इलाज के लिए 10 लाख का चैक सौंपा
रामगढ़ के बेराटांड़ निवासी रामकिशुन बेसरा के छह साल के बेटे अनूप के इलाज के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 10 लाख रुपये की चिकित्सा सहायता स्वीकृत कराई है. कान की गंभीर बीमारी से जूझ रहे अनूप का इलाज वेल्लौर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.

Ramgarh: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक पिता की गुहार सुनते हुए छह साल के मासूम अनूप के इलाज के लिए 10 लाख रुपये की चिकित्सा सहायता स्वीकृत कराई है. रामगढ़ जिले के बेराटांड़ निवासी रामकिशुन बेसरा ने अपने बेटे के इलाज में आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी. अनूप कान की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है और उसका इलाज वेल्लौर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है. डॉक्टरों ने उसके इंटरनल ईयर से जुड़ी समस्या के इलाज की सलाह दी है, जिसके लिए बड़ी रकम की जरूरत थी. मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत महज 48 घंटे में प्रक्रिया पूरी की गई और अनूप के इलाज के लिए 10 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत हुई. मुख्यमंत्री ने नेमरा में ही रामकिशुन बेसरा को चेक सौंपा.
मां के श्राद्धकर्म के बीच लोगों से मिल रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के सिलसिले में अपने पैतृक गांव नेमरा में हैं. यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार श्राद्धकर्म की रस्में निभाई जा रही हैं. इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंच रहे हैं. कोई बीमारी के इलाज के लिए मदद मांग रहा है, तो कोई आर्थिक परेशानी और अपने क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत करा रहा है. मुख्यमंत्री लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर उनकी शिकायतें और आवेदन सुन रहे हैं.
समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश
नेमरा में पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच मुख्यमंत्री लोगों की फरियाद भी सुन रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं. अनूप के इलाज के लिए मिली सहायता से उसके परिवार को बड़ी राहत और बेहतर इलाज की उम्मीद मिली है. वहीं, मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे अन्य लोगों को भी अपनी समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा मिल रहा है. नेमरा में एक ओर मां की यादों के बीच श्राद्धकर्म की रस्में जारी हैं, तो दूसरी ओर मदद की आस लेकर पहुंच रहे लोगों की उम्मीदें भी मुख्यमंत्री तक पहुंच रही हैं.

