झारखंड विधानसभा में बवाल: असंसदीय भाषा पर बखेड़ा, माफी के बाद भी नहीं थमा हंगामा
Jharkhand Vidhan Sabha के बजट सत्र में असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया, जो ‘स्पंज’ तक पहुंचा और माफी के बाद भी हंगामा नहीं थमा. वहीं धनबाद की 500 करोड़ जल योजना, पथ निर्माण विभाग में AE की पोस्टिंग और वेतन विवाद, साथ ही मानगो जल परियोजना में देरी जैसे मुद्दों पर सरकार घिरी रही

Ranchi: Jharkhand Vidhan Sabha के बजट सत्र में मंगलवार का दिन पूरी तरह हंगामेदार रहा. असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते बड़े टकराव में बदल गया. विपक्ष ने इसे सदन की गरिमा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए जोरदार विरोध किया और विधायक वेल में उतरकर नारेबाजी करने लगे. हालात इतने बिगड़ गए कि स्पीकर को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा और आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से ‘स्पंज’ यानी हटाने का आदेश देना पड़ा. इसके बावजूद माहौल शांत नहीं हुआ और सरकार-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही. इसी बीच धनबाद की 500 करोड़ की जल योजना, पथ निर्माण विभाग में इंजीनियरों की समस्या और मानगो पेयजल परियोजना में देरी जैसे अहम मुद्दों ने भी सदन का तापमान बढ़ाए रखा. दिनभर जवाब-तलब, आरोप-प्रत्यारोप और आश्वासनों के बीच कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही.
असंसदीय भाषा पर बवाल: हंगामा, माफी और ‘स्पंज’ तक पहुंचा मामला
सदन में सबसे बड़ा विवाद उस वक्त खड़ा हुआ जब विधायक Neera Yadav ने Sameer Mohanty के बयान को असंसदीय बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा न सिर्फ सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ भी है. इस मुद्दे को लेकर भाजपा विधायक आक्रोशित हो गए और वेल में पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित होने लगी. स्थिति बिगड़ती देख स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से हटाने यानी ‘स्पंज’ करने का आदेश दिया. मामले को शांत कराने के लिए संसदीय कार्य मंत्री Radha Krishna Kishore ने पूरे सदन की ओर से खेद जताया और कहा कि किसी भी सदस्य को असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. बावजूद इसके विपक्ष ने माफी की मांग को लेकर काफी देर तक हंगामा जारी रखा, जिससे कार्यवाही बाधित होती रही.
धनबाद की 500 करोड़ जल योजना पर गरमाया सदन
धनबाद जिले की बहुप्रतीक्षित जलापूर्ति परियोजना को लेकर भी सदन में जोरदार बहस हुई. विधायक Arup Chatterjee ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई इस योजना का काम अब तक अधूरा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कंपनी को ठेका दिया गया था, वह बाद में किसी अन्य कंपनी में मर्ज हो गई और परियोजना अधर में लटक गई. इससे न सिर्फ सरकारी पैसे का नुकसान हुआ, बल्कि आम लोगों को भी पीने के पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है. जवाब में मंत्री Yogendra Mahto ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. उन्होंने जांच कराने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सदन के सामने रखने का आश्वासन दिया, साथ ही परियोजना को जल्द पूरा कराने की बात भी कही.
AE की पोस्टिंग और वेतन भुगतान पर उठे सवाल
पथ निर्माण विभाग में सहायक अभियंताओं (AE) की पोस्टिंग, सेवा विनियमन और वेतन भुगतान को लेकर भी सवाल उठे. विधायक Alok Kumar Chaurasia ने सरकार से पूछा कि क्या बिना वित्त विभाग की सहमति के पदस्थापन से जुड़े मामलों का निपटारा किया जा सकता है. उन्होंने 2007 बैच के अभियंताओं के वेतन भुगतान और नियुक्ति से पदभार ग्रहण के बीच की अवधि को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. साथ ही यह मुद्दा भी उठाया गया कि 2022 में नियुक्त अभियंताओं को इस अवधि का वेतन क्यों नहीं दिया गया. इस पर मंत्री Sudivya Kumar Sonu ने जवाब देते हुए कहा कि मामला फिलहाल प्रक्रियाधीन है. उन्होंने संकेत दिया कि विभाग पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मानगो पेयजल परियोजना में देरी पर घमासान
मानगो पेयजल परियोजना की धीमी रफ्तार को लेकर भी सदन में तीखी बहस देखने को मिली. विधायक Saryu Roy ने आरोप लगाया कि 2009 में शुरू हुई यह योजना आज तक पूरी नहीं हो सकी और 2019 से 2024 के बीच इसमें भारी लापरवाही बरती गई. उन्होंने कहा कि जलमीनार अधूरी हैं, इंटेक वेल की सफाई नहीं हुई और पुराने मोटरों को समय पर नहीं बदला गया, जिससे जलापूर्ति प्रभावित हो रही है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि योजना पर्याप्त पानी देने में सक्षम नहीं है, फिर भी टैंकरों के जरिए अस्पतालों को पानी पहुंचाना पड़ रहा है. जवाब में मंत्री Sudivya Kumar Sonu ने कहा कि केंद्र सरकार से NOC मिलने में देरी के कारण परियोजना प्रभावित हुई. उन्होंने भरोसा दिलाया कि मार्च 2026 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा और फेज-2 के निर्माण पर भी काम किया जाएगा.

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