उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के रिश्तों को लेकर हाल ही में चर्चा तेज़ हो गई थी, लेकिन अब साफ़ हो गया है कि दोनों का तलाक नहीं होगा. प्रतीक ने विवादित इंस्टाग्राम पोस्ट हटा दिया और अपर्णा के साथ साझा फोटो के साथ लिखा कि “All Is Well”, जिससे संकेत मिला कि दोनों ने अपनी निजी समस्याओं को सुलझा लिया है. प्रतीक यादव समाजवादी परिवार से हैं और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई हैं, जबकि अपर्णा यादव भाजपा नेता और पूर्व महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं. जनवरी में प्रतीक के इंस्टाग्राम पोस्ट में अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए गए थे और तलाक की अटकलें तेज़ हो गई थीं. सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया, लेकिन अब दोनों के बीच सुलह और पारिवारिक सामंजस्य कायम है.
प्रतीक यादव का विवादित इंस्टाग्राम पोस्ट
जनवरी 2026 में प्रतीक यादव ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में अपर्णा यादव के खिलाफ तीखी टिप्पणियाँ कीं. उन्होंने आरोप लगाया कि अपर्णा स्वयं को परिवार से ऊपर रख रही हैं और उनके व्यवहार से परिवार की मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है. पोस्ट में प्रतीक ने अपर्णा को “स्वार्थी महिला” भी बताया और दावा किया कि उनके विवाहिक जीवन में कठिनाइयाँ और तनाव लगातार बढ़ रहे हैं. प्रतीक ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि उनकी भावनाओं और परिवार के प्रति उनकी निष्ठा के बावजूद अपर्णा उन्हें नजरअंदाज कर रही हैं. इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं तेज़ हो गईं और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर अटकलें लगने लगीं.
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं और अफवाहें
प्रतीक के पोस्ट के वायरल होने के तुरंत बाद मीडिया और जनता में यह चर्चा फैल गई कि प्रतीक और अपर्णा का तलाक निश्चित है. कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग अलग-अलग राय दे रहे थे. कुछ लोगों ने प्रतीक की पोस्ट का समर्थन किया तो कुछ ने इसे अपर्णा के पक्ष में देखा. इस बीच राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे उत्तर प्रदेश की राजनीति और दोनों परिवारों के संबंधों पर ध्यान आकर्षित करने वाला मामला बताया. हालांकि, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि दोनों अपने निजी जीवन के मुद्दों को सुलझा चुके हैं और तलाक की खबरें केवल अफवाह थीं.
‘All Is Well’ संदेश और सुलह
प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम से विवादित पोस्ट को हटा दिया और अपर्णा यादव के साथ एक तस्वीर साझा की. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “All Is Well”, जिससे स्पष्ट संकेत मिला कि पति-पत्नी के बीच सुलह हो गई है. प्रतीक ने कहा कि उन्होंने अपनी निजी समस्याओं को सुलझा लिया है और परिवार एकजुट है. इस नए पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर और मीडिया रिपोर्टिंग में स्पष्ट संदेश गया कि तलाक की खबरें केवल अटकलें थीं और दोनों परिवारिक जीवन में सामंजस्य बना रहे हैं.
अपर्णा यादव ने नहीं दिया था कोई बयान
अपर्णा यादव भाजपा की नेता हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं. उनके राजनीतिक करियर और सामाजिक भूमिका ने उन्हें उत्तर प्रदेश के सियासी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण शख्सियत बना दिया है. अपर्णा और प्रतीक की शादी 2011/2012 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं. विवाद के दौरान अपर्णा ने मीडिया में सीधे बयान नहीं दिया, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक बैठकों में कुछ दूरी बनाई. यह दूरी मीडिया और जनता में यह सवाल पैदा कर रही थी कि तलाक के कारण उनकी सक्रियता सीमित हो गई है. बावजूद इसके, नई तस्वीर और “All Is Well” पोस्ट ने उनके रिश्तों में सामंजस्य का संकेत दिया.


