एंटी पेपर लीक बिल पर संसद में घमासान, मनोज झा का हमला- "इस बार मंत्री गया, अगली बार सरकार जाएगी"
“एंटी पेपर लीक बिल पर राज्यसभा में तीखी बहस हुई. RJD सांसद मनोज झा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "इस बार मंत्री गया है, अगली बार सरकार जाएगी." वहीं सीपीएम के जॉन ब्रिटास ने सरकार को घेरा, जबकि केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सरकार का बचाव किया.”

Parliament Session: संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद प्रोफेसर मनोज कुमार झा ने सरकार की परीक्षा प्रणाली और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल कानून में बदलाव से समस्या का समाधान नहीं होगा. वहीं, सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया. दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से काम किया गया है और विपक्ष युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है.
मनोज झा ने सरकार को घेरा, परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
राज्यसभा में चर्चा के दौरान प्रोफेसर मनोज कुमार झा ने कहा कि सरकार केवल "कॉस्मेटिक रिफॉर्म" कर रही है, जबकि समस्या की जड़ पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी चुनौती उसके संचालन और पारदर्शिता से जुड़ी है. उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) का जिक्र करते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में ही खामियां हैं, तो केवल कानून सख्त करने से कुछ नहीं बदलेगा. मनोज झा ने सरकार पर राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि "इस बार मंत्री गया है, अगली बार सरकार जाएगी." उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की भावनाओं को समझने की जरूरत है, केवल उनकी भाषा अपनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा.
जॉन ब्रिटास बोले- कमेटियों से नहीं निकलेगा समाधान
सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर समस्या के समाधान के नाम पर नई कमेटी बना देना देश की सबसे बड़ी समस्या बन गई है. उन्होंने कहा कि कोचिंग उद्योग का कारोबार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे. ब्रिटास ने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की गई. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष आंदोलन की राजनीति को बढ़ावा देता है. जवाब में ब्रिटास ने दावा किया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं. इस दौरान कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी बहस में हिस्सा लेते हुए अपनी राजनीतिक टिप्पणी रखी.
अठावले ने किया सरकार का बचाव
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बहस के दौरान सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा या पुलिस पर पथराव जैसी घटनाएं होने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कार्रवाई करती है, हालांकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता. अठावले ने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया और संबंधित मंत्रियों ने लगातार बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह युवाओं को भड़काने की राजनीति कर रहा है. साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि देश का युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा रखता है और आगामी चुनावों में भी एनडीए को समर्थन मिलेगा.
संसद में जारी रही तीखी राजनीतिक बहस
एंटी पेपर लीक बिल पर हुई चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली, छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे को घेरा. विपक्ष ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और पारदर्शिता की मांग की, जबकि सरकार ने कहा कि नए कानून और प्रशासनिक सुधारों के जरिए पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है. आने वाले दिनों में इस विधेयक और उससे जुड़े प्रावधानों को लेकर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है.


