कोडरमा से गायब 10 बिरहोर बच्चे बिहार के गयाजी में सकुशल बरामद, दावत के गायब हुए थे मासूम
कोडरमा जिले के जयनगर क्षेत्र से लापता हुए बिरहोर समुदाय के 10 बच्चों को लेकर फैली चिंता आखिरकार राहत में बदल गई है. सभी बच्चे बिहार के गयाजी स्थित चाइल्ड केयर सेंटर में सुरक्षित पाए गए हैं.

झारखंड के कोडरमा जिले से लापता हुए बिरहोर समुदाय के 10 बच्चों को लेकर फैली सनसनी आखिरकार राहत की खबर में बदल गई है. जयनगर थाना क्षेत्र के खरियोडीह पंचायत अंतर्गत गड़ियाय बिरहोर टोला से गायब हुए सभी बच्चे बिहार के गयाजी स्थित चाइल्ड केयर सेंटर में सुरक्षित पाए गए हैं. बच्चों के सकुशल मिलने की पुष्टि होते ही प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली है. यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा था क्योंकि बिरहोर समुदाय झारखंड का विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) है और हाल के दिनों में बच्चों के लापता होने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी थी. 1 फरवरी से बच्चों के लापता होने की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल था. पुलिस ने SIT का गठन कर तलाश तेज की थी. अब सवाल यह है कि बच्चे कोडरमा से गयाजी के चाइल्ड केयर तक कैसे पहुंचे — इसी कड़ी की जांच में पुलिस जुट गई है.
गड़ियाय बिरहोर टोला से गायब हुए थे बच्चे
जयनगर थाना क्षेत्र के गड़ियाय बिरहोर टोला से एक साथ 10 बच्चों के लापता होने की खबर सामने आते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था. बच्चों की उम्र 5 से 11 वर्ष के बीच बताई गई थी. जानकारी के मुताबिक ये बच्चे 1 फरवरी को अपने परिजनों के साथ बस्ती से करीब तीन किलोमीटर दूर परसाबाद गांव में एक दावत (भोज) में शामिल होने गए थे. कार्यक्रम के बाद बड़े लोग तो लौट आए, लेकिन बच्चे वापस नहीं पहुंचे. शुरुआत में परिजनों को लगा कि बच्चे आसपास ही होंगे या किसी रिश्तेदार के यहां रुक गए होंगे, लेकिन जब कई दिन बीत गए और कोई सुराग नहीं मिला, तब चिंता गहराने लगी. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार, तिलैया व चंदवारा थाना प्रभारी समेत पुलिस बल गांव पहुंचा. बच्चों की तलाश के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया.
गयाजी के चाइल्ड केयर में मिले सभी बच्चे सुरक्षित
शनिवार को प्रशासन को बड़ी सफलता मिली, जब सभी 10 लापता बच्चों को बिहार के गयाजी स्थित चाइल्ड केयर सेंटर में सुरक्षित पाया गया. अंचल अधिकारी सारांश जैन ने बच्चों के सकुशल मिलने की पुष्टि की. रेस्क्यू किए गए बच्चों में निशा कुमारी (7), रमेश बिरहोर (5), सजनी कुमारी (9), अनिशा कुमारी (7), सत्यम बिरहोर (6), मिथुन बिरहोर (9), रेखा कुमारी (6) और बिरजू बिरहोर (11) शामिल हैं. अब पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि ये मासूम बच्चे कोडरमा से गयाजी कैसे पहुंचे. क्या वे खुद किसी के साथ गए, या किसी ने बहला-फुसलाकर उन्हें वहां पहुंचाया? इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है. फिलहाल बच्चों के सुरक्षित मिलने से परिजनों और प्रशासन को राहत जरूर मिली है, लेकिन यह मामला आदिवासी और कमजोर समुदायों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है.

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