देवघर में फ्लिपकार्ट-अमेजन का कस्टमर केयर बनकर ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार
देवघर में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वे फ्लिपकार्ट, अमेजन, गूगल-पे, फोनपे और एयरटेल पेमेंट बैंक का कस्टमर केयर बनकर लोगों को निशाना बनाते थे. पुलिस ने तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और दो एटीएम कार्ड बरामद किए हैं.

Report: sunil kumar jha
देवघर में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग फ्लिपकार्ट, अमेजन, गूगल-पे, फोनपे और एयरटेल पेमेंट बैंक के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं. शुरुआती जांच में डिजिटल माध्यमों से ठगी किए जाने के संकेत मिले हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रधानमंत्री किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान जैसे मामलों का हवाला देकर लोगों को फर्जी एपीके फाइल भेजते थे. इसके अलावा बैंक कार्ड बंद होने का डर दिखाकर भी लोगों को निशाना बनाया जाता था. पुलिस ने नागरिकों से अनजान लिंक और फाइल डाउनलोड नहीं करने की अपील की है. मामले की आगे जांच जारी है.
गुप्त सूचना पर डकाय जंगल में छापेमारी
देवघर पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सारठ थाना क्षेत्र के डकाय जंगल में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की और तीन लोगों को गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर की गई. अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो ने किया. पुलिस अब आरोपियों की गतिविधियों और ठगी के संभावित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.
नामी कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर करते थे संपर्क
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल भुगतान सेवाओं के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे. वे फ्लिपकार्ट और अमेजन के ग्राहक सेवा कर्मी होने का दावा करने के साथ गूगल-पे, फोनपे तथा एयरटेल पेमेंट बैंक के अधिकारी बनकर भी लोगों को झांसा देते थे. अलग-अलग समस्याओं के समाधान का भरोसा देकर उपभोक्ताओं से संपर्क साधना उनकी कथित ठगी की रणनीति का हिस्सा था.
एपीके फाइल भेजकर मोबाइल को बनाते थे निशाना
जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, संदिग्ध प्रधानमंत्री किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर लोगों को एपीके फाइल भेजते थे. ऐसी फाइलें मोबाइल में इंस्टॉल करने पर डिवाइस और उसमें मौजूद जानकारी की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. पुलिस का कहना है कि आरोपी एयरटेल पेमेंट बैंक कार्ड बंद होने की आशंका दिखाकर भी लोगों को झांसे में लेते थे. कार्ड दोबारा चालू कराने का बहाना बनाकर ठगी करने की आशंका की भी जांच की जा रही है.
तीन अलग-अलग इलाकों के आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिकंदर भोक्ता, चंदन यादव और रोशन कुमार मंडल के रूप में की है. करीब 32 वर्षीय सिकंदर भोक्ता सारठ थाना क्षेत्र के डकाय का निवासी बताया गया है. करीब 22 वर्षीय चंदन यादव सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के बड़ा मोहनपुर का रहने वाला है. वहीं, करीब 24 वर्षीय रोशन कुमार मंडल दुमका जिले के जरमुंडी थाना क्षेत्र के चोरखेदा का निवासी है. पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और दो एटीएम कार्ड बरामद किए हैं. बरामद सामान की जांच की जा रही है.
पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की दी सलाह
देवघर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल न करें. कस्टमर केयर के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल, संदेश और लिंक की जांच किए बिना उन पर भरोसा न करें. बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और अन्य गोपनीय विवरण किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा करने से बचें. यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

