रांची में 1 नवंबर को खुलेगी पाटलिपुत्र शूटिंग रेंज, विधायक चेतन आनंद की झारखंड में नई पहल
रांची में 1 नवंबर को पाटलिपुत्र शूटिंग रेंज का उद्घाटन होगा. बिहार के विधायक चेतन आनंद की इस पहल का उद्देश्य झारखंड के युवाओं को निशानेबाजी से जोड़ना और उन्हें प्रशिक्षण के लिए नया मंच उपलब्ध कराना है.

Ranchi:- झारखंड के युवाओं को निशानेबाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर मिलने जा रहा है. बिहार के विधायक चेतन आनंद अब झारखंड की राजधानी रांची में पाटलिपुत्र शूटिंग रेंज की शुरुआत करने जा रहे हैं. इस शूटिंग रेंज का उद्घाटन 1 नवंबर को किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को शूटिंग जैसे खेल से जोड़ना और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है. इस पहल की खास बात यह है कि चेतन आनंद राजनीति में आने से पहले खुद भी निशानेबाज रह चुके हैं. ऐसे में शूटिंग के खेल से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव इस पहल को और महत्वपूर्ण बनाता है. बिहार के एक बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले चेतन आनंद अब खेल के क्षेत्र में भी अपनी पहल का विस्तार कर रहे हैं.
राजनीति से पहले शूटिंग से रहा है जुड़ाव
विधायक चेतन आनंद की पहचान केवल एक राजनेता के रूप में नहीं है. राजनीति में सक्रिय होने से पहले उनका जुड़ाव निशानेबाजी से भी रहा है. यही वजह है कि शूटिंग रेंज की शुरुआत को उनके खेल से जुड़े अनुभव और रुचि के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है.चेतन आनंद बिहार के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं. उनके पिता आनंद मोहन बिहार के चर्चित नेताओं में शामिल रहे हैं, जबकि उनकी मां लवली आनंद भी राजनीति में सक्रिय हैं. चेतन आनंद खुद भी बिहार की राजनीति में अपनी पहचान बना चुके हैं. अब रांची में शूटिंग रेंज की शुरुआत के जरिए उनकी पहल झारखंड के युवाओं तक पहुंचने जा रही है.
तीन से चार लाख रुपये की गन, आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को अवसर देने पर जोर
शूटिंग एक ऐसा खेल है, जिसमें प्रशिक्षण के साथ-साथ उपकरणों की लागत भी काफी अधिक हो सकती है. अच्छी गुणवत्ता वाली शूटिंग गन की कीमत तीन से चार लाख रुपये तक पहुंच सकती है. ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए इस खेल में आगे बढ़ना आसान नहीं होता. चेतन आनंद ने शूटिंग रेंज की खासियत बताते हुए महंगे हथियारों की कीमत का जिक्र किया. इस पहल के पीछे युवाओं को निशानेबाजी के लिए अवसर उपलब्ध कराने की सोच अहम है. रांची में शूटिंग रेंज शुरू होने से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकती है. हालांकि, अकादमी में प्रशिक्षण की फीस, उपकरणों की उपलब्धता और आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए विशेष सुविधाओं की जानकारी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट होना बाकी है.
पटना के बाद अब रांची में शूटिंग की तैयारी
पाटलिपुत्र शूटिंग रेंज की पहल अब पटना के बाद रांची तक पहुंच रही है. झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं तक पहुंच कई खिलाड़ियों के लिए चुनौती बनी रहती है. ऐसे में रांची में शूटिंग रेंज की शुरुआत निशानेबाजी में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए एक नया अवसर बन सकती है. यहां खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रशिक्षण की सुविधा मिलती है, तो वे आगे चलकर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की तैयारी कर सकते हैं.
झारखंड के युवाओं को कितना मिलेगा फायदा?
1 नवंबर को होने वाले उद्घाटन के बाद सबसे अहम सवाल यह होगा कि शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों के लिए किस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अनुभवी प्रशिक्षकों की उपलब्धता, आधुनिक उपकरण और फीस जैसी चीजें तय करेंगी कि यह पहल स्थानीय युवाओं के लिए कितनी उपयोगी साबित होती है. अगर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाते हैं, तो आर्थिक कारणों से निशानेबाजी से दूर रहने वाले युवाओं को भी इस खेल में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है.
1 नवंबर पर टिकी निगाहें
बिहार में राजनीति और खेल से जुड़े अनुभव रखने वाले विधायक चेतन आनंद की यह पहल अब झारखंड में चर्चा का विषय बन सकती है. राजनीति से पहले खुद शूटर रहे चेतन आनंद के लिए रांची में शूटिंग रेंज की शुरुआत खेल के क्षेत्र में एक नई पहल है. अब सबकी निगाहें 1 नवंबर को होने वाले उद्घाटन पर हैं. यह देखना दिलचस्प होगा कि पाटलिपुत्र शूटिंग रेंज रांची के युवाओं को निशानेबाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए किस तरह का मंच उपलब्ध कराती है.


