भ्रष्टाचार दबाने के लिए फाइलों को बंधक बना रही है राज्य सरकार : बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर भ्रष्टाचार छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऑडिट से बचने के लिए विभागों की फाइलें जानबूझकर रोकी जा रही हैं.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में सामने आया शराब घोटाला अब केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे सरकारी संरक्षण में दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच और ऑडिट की प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है, ताकि घोटाले से जुड़े तथ्य सामने न आ सकें.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब महालेखाकार (AG) की ऑडिट टीम विभिन्न विभागों से घोटाले से संबंधित दस्तावेज और फाइलें मांगती है, तो संबंधित विभाग सहयोग करने के बजाय टालमटोल का रवैया अपना रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि आबकारी विभाग ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभाग भी ऑडिट के लिए जरूरी फाइलें देने से इनकार कर रहे हैं.
जांच के नाम पर साजिश और फाइलें छिपाने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विभागों की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि संबंधित फाइलें एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अपने साथ ले गई है. मरांडी ने इसे एक सोची-समझी रणनीति बताते हुए कहा कि ACB की यह कथित कार्रवाई दोषियों तक पहुंचने के बजाय पैसों के लेन-देन और भ्रष्टाचार से जुड़े रिकॉर्ड छिपाने का जरिया बनती जा रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर फाइलों को “बंधक” बना लिया गया है, जिससे न तो ऑडिट प्रक्रिया पूरी हो पा रही है और न ही सच्चाई जनता के सामने आ रही है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकारी तंत्र जांच को ही बचाव की ढाल बनाकर इस्तेमाल कर रहा है, जिससे भ्रष्टाचारियों को संरक्षण मिल रहा है.
मरांडी ने इसे झारखंड की जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि राज्य सरकार को जवाबदेही से भागने के बजाय पूरी पारदर्शिता के साथ जांच और ऑडिट में सहयोग करना चाहिए.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.


Leave a comment