1 नवंबर की वोट बचाओ, देश बचाओ रैली ऐतिहासिक होगी: केशव महतो कमलेश
झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली वोट बचाओ, देश बचाओ रैली को ऐतिहासिक बनाने का दावा किया. विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने एसआईआर, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए.

रिपोर्टर : सुमन कुमारी
रांची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को सफल बनाने के लिए जनजागरण अभियान तेज कर दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए पार्टी हर स्तर पर आवाज उठाएगी. रांची में संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर सवाल उठाए. कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे. पार्टी के मुताबिक, विभिन्न जिलों में प्रभारी और वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से संवाद कर रहे हैं. कांग्रेस ने मताधिकार की सुरक्षा को इस अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया है.
जिलों में जनजागरण अभियान चला रही कांग्रेस
केशव महतो कमलेश ने बताया कि रैली के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों में अभियान चलाया जा रहा है. जिला प्रभारी और वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों से संपर्क कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा. उनके अनुसार, दिल्ली में होने वाली रैली में इस मुद्दे पर व्यापक आवाज उठाई जाएगी.
चुनाव आयोग की भूमिका पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाए. ये आरोप कांग्रेस नेताओं के हैं, जबकि इन पर चुनाव आयोग का पक्ष इस संवाददाता सम्मेलन के विवरण में शामिल नहीं है.
एसआईआर को लेकर प्रदीप यादव ने जताई चिंता
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है. यादव ने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए कथित वोट चोरी के मुद्दे का भी उल्लेख किया और मताधिकार की सुरक्षा पर जोर दिया.
महाराष्ट्र और बंगाल के उदाहरणों का किया जिक्र
प्रदीप यादव ने महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मतदाता आंकड़ों में अंतर का दावा किया. उन्होंने पश्चिम बंगाल के फरक्का में कांग्रेस उम्मीदवार का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा जोड़े जाने का भी उल्लेख किया. इन उदाहरणों के जरिए उन्होंने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है.
चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और कानून पर भी चर्चा
प्रदीप यादव ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति समिति में बदलाव और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधानों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि इन बदलावों से चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है. संवाददाता सम्मेलन में मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, उज्जवल तिवारी, अख्तर अली और राजन वर्मा मौजूद रहे. कांग्रेस ने 1 नवंबर की रैली के जरिए मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही.

