रांची के मोरहाबादी मैदान में 29 अक्टूबर से लगेगा जेसोवा का दिवाली मेला, 300 से ज्यादा स्टॉल होंगे आकर्षण
रांची के मोरहाबादी मैदान में 29 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक जेसोवा का पांच दिवसीय दिवाली मेला आयोजित होगा. मेले में 300 से अधिक स्टॉल पर स्वदेशी उत्पाद, हस्तशिल्प, पारंपरिक कपड़े और सजावटी सामान मिलेंगे.

रांची:- राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में दिवाली के मौके पर पांच दिवसीय मेले का आयोजन होने जा रहा है. झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) की ओर से यह मेला 29 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा. इसकी तैयारियों और आयोजन की जानकारी देने के लिए जेसोवा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन से मुलाकात की. कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सपरिवार मेले में शामिल होने का निमंत्रण दिया. आयोजकों के मुताबिक, मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों के उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण महिलाओं के बनाए उत्पादों को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. 300 से अधिक स्टॉल लगाए जाने की योजना है. मेले में पारंपरिक कपड़ों, फैशन एक्सेसरीज, सजावटी सामान और स्वदेशी उत्पादों के साथ कला एवं संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया गया आमंत्रण
जेसोवा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान मुख्यमंत्री को 29 अक्टूबर से शुरू होने वाले दिवाली मेले में परिवार के साथ शामिल होने का निमंत्रण दिया गया. मेले का आयोजन रांची के मोरहाबादी मैदान में किया जाएगा.
पांच दिनों तक चलेगा दिवाली का उत्सव
जेसोवा का यह मेला 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चलेगा. पांच दिनों के दौरान लोगों को खरीदारी के साथ कला, संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं से जुड़ी गतिविधियों को देखने का अवसर मिलेगा. आयोजन का उद्देश्य त्योहार के उत्साह के साथ स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा देना है.
300 से अधिक स्टॉल पर मिलेंगे स्वदेशी उत्पाद
आयोजकों के अनुसार, मेले में 300 से ज्यादा स्टॉल लगाए जाएंगे. इनमें देशभर के उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. पारंपरिक कपड़े, फैशन एक्सेसरीज और सजावटी सामान मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेंगे.
कला, संस्कृति और ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा मंच
मेले के माध्यम से हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा. ग्रामीण महिलाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को अपने उत्पादों एवं हुनर को लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा. इस तरह आयोजन को त्योहार के साथ उद्यमिता और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी है.
जेसोवा ने सामाजिक कार्यों की भी दी जानकारी
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को राज्य में जेसोवा की ओर से संचालित सामाजिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी दी. प्रतिनिधिमंडल में जेसोवा की अध्यक्ष प्रीति कुमारी, उपाध्यक्ष अनीता सिंह, सचिव मनु झा, संयुक्त सचिव श्वेता शुक्ला, कोषाध्यक्ष शिवानी सिंह तथा कार्यकारिणी समिति की सदस्य रंजना कुमार और दिव्या श्री शामिल थीं. आगामी दिवाली मेले में खरीदारी, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए लोगों को त्योहार का विशेष अनुभव देने की तैयारी की जा रही है.

