बड़कागांव के विस्थापितों का मुद्दा दिल्ली पहुंचा, अंबा प्रसाद और योगेंद्र साव ने राहुल गांधी से की मुलाकात
बड़कागांव क्षेत्र में चल रही खनन और ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े विस्थापन के मुद्दे को लेकर अंबा प्रसाद और योगेंद्र साव ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की. बैठक में NTPC, Adani Group, CCL और BCCL जैसी कंपनियों के खिलाफ जमीन अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास में गड़बड़ी के आरोपों को विस्तार से रखा गया.

बड़कागांव क्षेत्र के विस्थापितों और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों को लेकर पूर्व विधायक अंबा प्रसाद और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की. इस दौरान झारखंड में चल रही खनन और ऊर्जा परियोजनाओं से प्रभावित लोगों की समस्याओं और उनके अधिकारों के सवाल को विस्तार से रखा गया. नेताओं ने बताया कि कई परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजा, पुनर्वास और पारदर्शिता से जुड़े नियमों का सही पालन नहीं हो रहा है, जिससे स्थानीय परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बैठक में इन मुद्दों के समाधान के लिए ठोस पहल और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया गया.
खनन परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण में नियमों के पालन पर उठे सवाल
मुलाकात के दौरान नेताओं ने झारखंड में चल रही बड़ी परियोजनाओं से जुड़े विस्थापन के मामलों को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने NTPC, Adani Group, Central Coalfields Limited और Bharat Coking Coal Limited जैसी कंपनियों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई जगहों पर जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़े प्रावधानों का पालन सही तरीके से नहीं हो रहा है. नेताओं ने कहा कि स्थानीय लोगों को समय पर मुआवजा नहीं मिल रहा और पुनर्वास की प्रक्रिया भी अधूरी है, जिससे प्रभावित परिवारों में असंतोष है. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा और न्याय सुनिश्चित करना जरूरी है और इस विषय को गंभीरता से देखा जाएगा.
RFCTLARR कानून के पालन और जन सुनवाई की मांग
अंबा प्रसाद और योगेंद्र साव ने RFCTLARR Act 2013 के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने की मांग उठाई और कहा कि भूमि अधिग्रहण के हर मामले में इस कानून का पालन अनिवार्य होना चाहिए. साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में जन सुनवाई आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि विस्थापित परिवार अपनी बात सीधे रख सकें. राहुल गांधी ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वे झारखंड का दौरा कर प्रभावित लोगों से मिलेंगे और मुद्दे को आगे उठाएंगे. नेताओं ने कहा कि विस्थापितों के अधिकारों और सम्मान के लिए प्रयास जारी रहेंगे.

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