Bawal News
होमझारखंडबिहारराज्यराजनीतिNationalदेश-विदेशInternationalमनोरंजनखेल
September 12, 2026 IST
India27° C|AQI 71
ट्रेंडिंग
जुड़ें:
FacebookTwitter / XYouTubeInstagramWhatsApp
न्यूज़लेटर अलर्टदैनिक ताज़ा समाचार सीधे ईमेल पर

हर बड़ी खबर और ब्रेकिंग अपडेट सबसे पहले पाएं

Bawal News Logo

बावल न्यूज़ झारखंड, बिहार और देश-दुनिया की हर बड़ी घटना, राजनीति, खेल और जनसरोकार की खबरों को निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करने वाला डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क है।

सत्य, साहस और स्वतंत्र पत्रकारिता
सोशल मीडिया पर जुड़ें:
FacebookTwitter / XYouTubeInstagramWhatsApp

राज्य एवं क्षेत्र

  • ›झारखंड समाचार
  • ›बिहार समाचार
  • ›राज्य समाचार
  • ›देश-विदेश
  • ›National News
  • ›International

समाचार व राजनीति

  • ›ताज़ा खबरें
  • ›राजनीति
  • ›जुर्म व अदालत
  • ›चुनावी हलचल
  • ›विशेष कवरेज
  • ›वायरल वीडियो

खेल व मनोरंजन

  • ›खेल व क्रिकेट
  • ›मनोरंजन व सिनेमा
  • ›लाइफस्टाइल
  • ›राशिफल व ज्योतिष
  • ›ऑटोमोबाइल

बिज़नेस व टेक

  • ›कारोबार व बाजार
  • ›टेक्नोलॉजी व AI
  • ›गैजेट्स रिव्यू
  • ›रोजगार व शिक्षा
  • ›बजट व नीतियां

नेटवर्क व नीतियां

  • ›हमारे बारे में
  • ›विज्ञापन सेवाएँ
  • ›करियर (Jobs)
  • ›संपर्क सूत्र
  • ›गोपनीयता नीति
  • ›नियम व शर्तें
  • ›DMCA नोटिस
ट्रेंडिंग विषय:
#झारखंड न्यूज#बिहार राजनीति#क्रिकेट लाइव#रोजगार अपडेट#सोना चांदी भाव#मौसम पूर्वानुमान#टेक गैजेट्स#बजट २०२६
Privacy PolicyTerms of ServiceDisclaimerDMCA NoticeCookies PolicyContact Desk
© 2026 Bawal Digital News Network Pvt. Ltd.|सर्वाधिकार सुरक्षित।
डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 के अनुसार विनियमित
Scroll to top
Home»जुर्म»ऑपरेशन 'दौरा पहाड़' का पूरा ब्लूप्रिंट आया सामने, ऐसे बिछा था जाल... 2.20 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा समेत माओवादी नेटवर्क एक ही वार में ध्वस्त
जुर्म⚡ Breaking

ऑपरेशन 'दौरा पहाड़' का पूरा ब्लूप्रिंट आया सामने, ऐसे बिछा था जाल... 2.20 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा समेत माओवादी नेटवर्क एक ही वार में ध्वस्त

“मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद अब ऑपरेशन 'दौरा पहाड़' की पूरी कहानी सामने आई है. झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान में 2.20 करोड़ के इनामी माओवादी नेता समेत पांच उग्रवादियों को बिना गोली चले गिरफ्तार किया गया.”

P
Piyush KumarEditorial Desk
Published Jul 29, 2026 · 9:39 AM· 5 min read
ऑपरेशन 'दौरा पहाड़' का पूरा ब्लूप्रिंट आया सामने, ऐसे बिछा था जाल... 2.20 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा समेत माओवादी नेटवर्क एक ही वार में ध्वस्त

Ranchi: मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद अब उस ऑपरेशन की पूरी कहानी सामने आई है, जिसने झारखंड के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान को अंजाम तक पहुंचाया. 'ऑपरेशन दौरा पहाड़'... यही वह सीक्रेट मिशन था, जिसकी महीनों तक तैयारी हुई और आखिरकार उसी ऑपरेशन में भाकपा (माओवादी) के इकलौते सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य, 2.20 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा को उसके चार साथियों के साथ बिना एक भी गोली चले गिरफ्तार कर लिया गया. तीन AK-47, आठ मैगजीन और 288 कारतूस की बरामदगी ने साफ कर दिया कि सुरक्षा एजेंसियों ने सिर्फ एक बड़े नक्सली को नहीं पकड़ा, बल्कि माओवादी संगठन के बचे हुए शीर्ष नेटवर्क पर सीधा प्रहार किया है. ऑपरेशन की रणनीति, बरामदगी, हालिया आत्मसमर्पण और आगे की कार्रवाई का पूरा खाका मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी एवं पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्रा ने साझा किया.

महीनों की तैयारी, बिना फायरिंग सबसे बड़ा ऑपरेशन

यह भी पढ़ें:चुटूपालू-ओरमांझी में अवैध स्टोन क्रशरों पर बड़ा एक्शन, 19 पर कार्रवाई; 8 सील, 11 ध्वस्त

28 जुलाई 2026 को धनबाद जिले के बरवाड्डा थाना क्षेत्र के जंगली इलाके में झारखंड पुलिस, धनबाद और गिरिडीह जिला पुलिस, 209 कोबरा बटालियन और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की. ऑपरेशन को कोडनेम दिया गया था 'दौरा पहाड़'. सबसे अहम बात यह रही कि पूरे ऑपरेशन में एक भी गोली नहीं चली. सुरक्षा बलों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेतृत्व को जिंदा गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक यह ऑपरेशन लंबे समय से जुटाई गई खुफिया सूचनाओं और सटीक रणनीति का परिणाम था.

सम्बंधित ख़बरें

गंगा की बाढ़ में पुलिस बनी सहारा, साहिबगंज के 4 थानों में शुरू हुआ लंगर
गंगा की बाढ़ में पुलिस बनी सहारा, साहिबगंज के 4 थानों में शुरू हुआ लंगर
मुंबई में गिरिडीह और गोमिया के दो प्रवासी मजदूरों की मौत, महेश और हीरालाल के परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
मुंबई में गिरिडीह और गोमिया के दो प्रवासी मजदूरों की मौत, महेश और हीरालाल के परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
JSSC CGL सफल अभ्यर्थियों की प्रेस वार्ता: बिना आधार के आरोप लगाकर भविष्य बर्बाद न करें
JSSC CGL सफल अभ्यर्थियों की प्रेस वार्ता: बिना आधार के आरोप लगाकर भविष्य बर्बाद न करें
OBC के लिए अलग कॉलम और डिजिटल कोड की मांग, कांग्रेस का 16 सितंबर को राजभवन मार्च
OBC के लिए अलग कॉलम और डिजिटल कोड की मांग, कांग्रेस का 16 सितंबर को राजभवन मार्च
रांची में 459 पुलिसकर्मियों और हवलदारों का तबादला, देखें पूरी जानकारी
रांची में 459 पुलिसकर्मियों और हवलदारों का तबादला, देखें पूरी जानकारी
गिरिडीह की सियासत से हेमंत सरकार के मंत्री तक, सुदिव्य सोनू की आखिरी कहानी
गिरिडीह की सियासत से हेमंत सरकार के मंत्री तक, सुदिव्य सोनू की आखिरी कहानी

कौन-कौन गिरफ्तार हुआ

मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल (पोलित ब्यूरो सदस्य)

मेहनत उर्फ मोछु उर्फ विभीषण (RCM) – 15 लाख रुपये का इनामी, 137 मामले दर्ज

यह भी पढ़ें:तीनपहाड़ स्टेशन पर यात्रियों को बताया गया RailOne App का आसान तरीका

गौरव उर्फ बिरेंद्र हांस्दा उर्फ सौरभ (ACM) – 8 मामले दर्ज

मंगल मुर्मू

दिनेश राय

मिसिर बेसरा पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था. उसके खिलाफ 175 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

बरामदगी ने खोली संगठन की बची हुई ताकत की पोल

बरामद हथियार

AK-47 राइफल – 03

मैगजीन – 08

कारतूस – 288

लगातार टूट रहा है माओवादी नेटवर्क

हाल की बड़ी कार्रवाई

21 मई 2026 को 27 नक्सल कमांडर और दस्ता सदस्यों ने 18 हथियार और 2987 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया.

13 जुलाई 2026 को 20 लाख के इनामी शीर्ष कमांडर रविंद्र गंझु (RCM) गिरफ्तार हुआ.

17 जुलाई 2026 को 25 लाख के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर (SAC) गिरफ्तार हुआ.

बबिता उर्फ अनिता किस्कू (ACM) ने आत्मसमर्पण किया.

28 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय में 16 नक्सली कमांडरों और दस्ता सदस्यों ने 11 हथियार और 1562 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया.

चार दशक का खून-खराबा... 175 मामलों का आरोपी था मिसिर बेसरा

करीब चार दशक तक जंगलों में सक्रिय रहा मिसिर बेसरा माओवादी संगठन का सबसे बड़ा सैन्य रणनीतिकार माना जाता रहा. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, पुलिस पर हमला, हथियार लूट, आईईडी ब्लास्ट और बड़े नक्सली हमलों समेत 175 मामले दर्ज हैं.

उसके नाम दर्ज बड़े हमले

सितंबर 2001 – चुरचू (हजारीबाग) में सीआरपीएफ पर हमला, 12 जवान शहीद.

अक्टूबर 2001 – तोपचांची (धनबाद) में जेएपी पर हमला, 13 पुलिसकर्मी शहीद.

दिसंबर 2002 – बिटकल सोय (पश्चिम सिंहभूम) में पुलिस बल पर हमला, बड़ी संख्या में हथियार लूटे गए.

अप्रैल 2003 – चंद्रपुरा रेल थाना पर हमला.

जून 2004 – गुआ थाना क्षेत्र में पुलिस बल पर हमला.

जून 2004 – रनिया के सरवो घाटी में पुलिस गश्ती दल पर हमला.

जून 2005 – मधुबन में थाना, बैंक और प्रखंड कार्यालय पर समन्वित हमला.

नवंबर 2005 – गिरिडीह होमगार्ड शस्त्रागार से 186 राइफल की लूट.

नवंबर 2005 – जहानाबाद जेल ब्रेक कांड के योजनाकारों में सहयोगी भूमिका.

7 जून 2018 – कुचाई मुठभेड़, दो सुरक्षाकर्मी शहीद.

4 जनवरी 2022 – पूर्व विधायक गुरुचरण नायक के अंगरक्षकों की हत्या.

मार्च 2023 – मेरालगढ़ा विस्फोटक भंडार की लूट.

12 जुलाई 2023 – गोईलकेरा मुठभेड़ में कोबरा अधिकारी घायल.

14 अगस्त 2023 – तुम्बाहाका पहाड़ी मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के दो जवान शहीद.

22 मार्च 2025 – मारंग पोगा जंगल में आईईडी ब्लास्ट, सीआरपीएफ के एसआई सुनील कुमार मंडल शहीद.

12 अप्रैल 2025 – राधा पोडा जंगल में आईईडी विस्फोट, झारखंड जगुआर के आरक्षी सुनील धान बाद में शहीद.

31 मई 2025 – बलिबा जंगल में आईईडी विस्फोट में ग्रामीण साव बरजो की मौत.

10 अक्टूबर 2025 – समठा वन क्षेत्र में आईईडी विस्फोट, सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर शहीद.

1 मार्च 2026 – मारंगपोंगा-किनबीर क्षेत्र में मुठभेड़ और उसके बाद आईईडी विस्फोट में कोबरा के अधिकारी घायल.

अब क्या बोलेगी मिसिर बेसरा की पूछताछ?

मिसिर बेसरा सिर्फ एक इनामी माओवादी नहीं था, बल्कि संगठन की सैन्य रणनीति, हथियार नेटवर्क, लेवी तंत्र और शीर्ष नेतृत्व के बीच सबसे मजबूत कड़ी माना जाता था. ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब पूछताछ पर टिकी है. माना जा रहा है कि पूछताछ से हथियारों के ठिकानों, विस्फोटक भंडार, लेवी नेटवर्क, शहरी संपर्कों और फरार माओवादी कमांडरों से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं.

डीजीपी का संदेश- हथियार छोड़िए, मुख्यधारा में लौटिए

प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी एवं पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्रा ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व की लगातार गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण के बाद झारखंड में माओवादी संगठन लगभग समाप्ति की स्थिति में पहुंच चुका है. उन्होंने शेष बचे माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की. साथ ही स्पष्ट किया कि

29 views5 min read
#ऑपरेशन दौरा पहाड़
#मिसिर बेसरा
#Misir Besra Arrest
#झारखंड नक्सल ऑपरेशन
#माओवादी गिरफ्तारी
#DGP तदाशा मिश्रा
#झारखंड पुलिस
#नक्सलवाद
#AK-47 बरामद
#CPI Maoist

RELATED POSTS

चुटूपालू-ओरमांझी में अवैध स्टोन क्रशरों पर बड़ा एक्शन, 19 पर कार्रवाई; 8 सील, 11 ध्वस्त

चुटूपालू-ओरमांझी में अवैध स्टोन क्रशरों पर बड़ा एक्शन, 19 पर कार्रवाई; 8 सील, 11 ध्वस्त

तीनपहाड़ स्टेशन पर यात्रियों को बताया गया RailOne App का आसान तरीका

तीनपहाड़ स्टेशन पर यात्रियों को बताया गया RailOne App का आसान तरीका

गंगा की बाढ़ में पुलिस बनी सहारा, साहिबगंज के 4 थानों में शुरू हुआ लंगर

गंगा की बाढ़ में पुलिस बनी सहारा, साहिबगंज के 4 थानों में शुरू हुआ लंगर

Special
चुटूपालू-ओरमांझी में अवैध स्टोन क्रशरों पर बड़ा एक्शन, 19 पर कार्रवाई; 8 सील, 11 ध्वस्त

चुटूपालू-ओरमांझी में अवैध स्टोन क्रशरों पर बड़ा एक्शन, 19 पर कार्रवाई; 8 सील, 11 ध्वस्त

प्रमुख विषय (Topics)

ताज़ा खबरराजनीतिक्रिकेटखेलव्यापारमनोरंजनटेक्नोलॉजीअपराधमौसमराशिफल

बड़ी खबरें / Trending

1.

रांची में 459 पुलिसकर्मियों और हवलदारों का तबादला, देखें पूरी जानकारी

BY Piyush Kumar—Sep 10, 2026
2.

गिरिडीह की सियासत से हेमंत सरकार के मंत्री तक, सुदिव्य सोनू की आखिरी कहानी

BY Satya Mishra—Sep 6, 2026
3.

सुदिव्य सोनू के बाद हेमंत के सामने दोहरा सियासी इम्तिहान, विरासत और कैबिनेट में किसे मिलेगी जगह?

BY Satya Mishra—Sep 8, 2026
4.

चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे का अपहरण, पुलिस जांच में जुटी

BY Deepak Kumar—Sep 7, 2026
5.

झारखंड हाईकोर्ट को मिले तीन नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जारी की अधिसूचना

BY Deepak Kumar—Sep 10, 2026

दैनिक समाचार अलर्ट

ताज़ा देश, दुनिया, खेल और राजनीति के समाचार सीधे अपने इनबॉक्स में प्राप्त करें।

Comments

0
अपनी टिप्पणी लिखें
सभ्य भाषा अनिवार्य
0/1000
आपकी राय मंच के नियमों के तहत प्रकाशित होगी।
Advertisement
Enterprise Cloud Solutions & Business Advisory
Advertisement
Fintech & Smart Investment Banking Partner