झारखंड में शुरू हुआ SIR अभियान: घर-घर पहुंचेंगे BLO, मतदाता सत्यापन के साथ नए वोटरों का भी होगा पंजीकरण
झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू हो गया है. 29 जुलाई तक BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे. अभियान के दौरान नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत और डुप्लीकेट नामों की पहचान तथा स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा.

झारखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से मंगलवार से विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान की शुरुआत हो गई है. इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) राज्यभर में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और उन्हें इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे. निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि जिन मतदाताओं की अब तक मैपिंग नहीं हो सकी है, उनका सत्यापन पूरा किया जाए और मतदाता सूची से मृत, डुप्लीकेट, स्थायी रूप से स्थानांतरित या अन्य संदिग्ध प्रविष्टियों को चिन्हित किया जाए. अभियान के दौरान नए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण भी किया जाएगा. आयोग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य परिस्थितियों में फॉर्म भरते समय किसी दस्तावेज की प्रति जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी. यह प्रक्रिया 29 जुलाई तक चलेगी, जबकि प्रारूप मतदाता सूची 5 अगस्त को जारी की जाएगी.
घर-घर पहुंचकर सत्यापन करेंगे BLO
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत राज्य के सभी बीएलओ प्रत्येक परिवार तक पहुंचेंगे और मतदाताओं को पहले से आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे. मतदाता आवश्यक जानकारी भरकर हस्ताक्षर के साथ एक प्रति बीएलओ को सौंपेंगे, जबकि दूसरी प्रति रसीद के रूप में अपने पास रखेंगे. आयोग के अनुसार जिन मतदाताओं के फॉर्म समय पर जमा हो जाएंगे, उनके नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे.
इन जानकारियों की होगी पुष्टि
इन्यूमरेशन फॉर्म में मतदाता का नाम, ईपीआईसी (वोटर आईडी) नंबर, जन्म तिथि या आयु, लिंग, पूरा पता, परिवार के मुखिया का नाम तथा परिवार के अन्य मतदाताओं का विवरण दर्ज किया जाएगा. यदि उपलब्ध हो तो मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी मांगी जाएगी. साथ ही मतदाता को यह घोषणा करनी होगी कि वह दिए गए पते पर सामान्य रूप से निवास करता है और भारत का नागरिक है. आयोग ने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर बीएलओ मूल दस्तावेज देखकर जानकारी का मिलान कर सकते हैं.
नए वोटरों का भी होगा पंजीकरण
अभियान केवल पुराने मतदाताओं के सत्यापन तक सीमित नहीं रहेगा. 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए पात्र नागरिकों का नाम भी मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा. इसके अलावा जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए हैं या जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं, उनका विवरण भी एकत्र किया जाएगा. इससे मतदाता सूची को अद्यतन और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी.
आयोग ने जारी किया पूरा कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग के अनुसार 29 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन का काम पूरा किया जाएगा. इसके बाद 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी. इस सूची पर दावा और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए निर्धारित अवधि दी जाएगी, जिसके बाद सभी मामलों की जांच कर अंतिम संशोधित मतदाता सूची जारी की जाएगी. अभियान के दौरान बीएलओ सुपरवाइजर और बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) भी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.
रांची समेत 47 लाख से अधिक मतदाताओं का होगा सत्यापन
राज्य में अब भी 47 लाख से अधिक मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मैपिंग पूरी नहीं हो सकी है. इनमें सबसे अधिक संख्या रांची जिले की है. रांची, हटिया और कांके जैसे शहरी विधानसभा क्षेत्रों में सत्यापन की गति अपेक्षाकृत धीमी रही, जबकि तमाड़, मांडर और सिल्ली जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रगति दर्ज की गई है. आयोग का उद्देश्य अभियान के माध्यम से सभी पात्र मतदाताओं का सत्यापन कर मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है.

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