वरिष्ठ नागरिकों को मिला भरोसा, डीएलएसए सचिव बोले- “अकेले नहीं हैं आप”
साहिबगंज के गंगा विहार पार्क स्थित वृद्धाश्रम में अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर डीएलएसए ने विशेष शिविर लगाया. बुजुर्गों के बीच खाद्य सामग्री बांटी गई और विधिक सहयोग का भरोसा दिलाया गया.

Sahibganj: साहिबगंज में अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से वृद्धजनों के सम्मान और सहयोग के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया. गंगा विहार पार्क स्थित वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को न केवल खाद्य सामग्री वितरित की गई, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिलाया गया कि वे समाज और प्रशासन से अलग-थलग नहीं हैं. कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने बुजुर्गों को संबोधित करते हुए कहा कि “आप अकेले नहीं हैं, आपके साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार है. मैं भी आप सभी का बेटा हूं.” उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश में बुजुर्गों की बढ़ती उपेक्षा को चिंता का विषय बताया और कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव नई पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर हैं. शिविर में बुजुर्गों के स्वास्थ्य, दैनिक जरूरतों और मनोरंजन के साधनों पर भी चर्चा की गई.
बुजुर्गों के अनुभव समाज की अमूल्य पूंजी
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशन एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अखिल कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, संवेदना और विधिक सहयोग का भरोसा दिलाना था. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएलएसए सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि बुजुर्ग हमारे अस्तित्व और पहचान का आधार हैं. उनके जीवन के अनुभव ऐसी पूंजी हैं, जिससे नई पीढ़ी को सीखने का अवसर मिलता है. उन्होंने कहा कि बड़े-बुजुर्गों का स्नेह और आशीर्वाद समाज की ताकत है तथा वे जीवन के पथ-प्रदर्शक हैं. उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और संयुक्त परिवारों के कमजोर होने के कारण कई बुजुर्ग अपने परिवार से दूर होकर वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हो रहे हैं. वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में उचित नहीं है. समाज को इस दिशा में गंभीरता से विचार करने की जरूरत है.
स्वास्थ्य और जरूरतों पर चर्चा, खाद्य सामग्री भी बांटी
शिविर के दौरान वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और उनकी दैनिक जरूरतों पर चर्चा की गई. उनकी बेहतर देखभाल के साथ मनोरंजन के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि वे अकेलापन महसूस न करें और सम्मानजनक एवं सहज जीवन जी सकें. इस अवसर पर वृद्धाश्रम में रहने वाले सभी वरिष्ठ नागरिकों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण किया गया. कार्यक्रम के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने बुजुर्गों को भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर उन्हें विधिक और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.

