VIDEO: झारखंड पेपर लीक पर संसद परिसर में प्रदर्शन, एनडीए सांसदों ने हेमंत सरकार से मांगा जवाब
“झारखंड में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर संसद परिसर में एनडीए के झारखंडी सांसदों ने प्रदर्शन किया. सांसदों ने हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की मांग की.”

Ranchi/Delhi: झारखंड में कथित पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है. बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान झारखंड के एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. सांसदों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की मांग उठाई.
संसद परिसर में तख्तियां लेकर एनडीए सांसदों का विरोध
बुधवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले झारखंड के एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. सांसद हाथों में "झारखंड में पेपर लीक बंद करो", "हेमंत सोरेन इस्तीफा दो" और "कांग्रेस-जेएमएम छात्रों के साथ अन्याय करना बंद करो" जैसी तख्तियां लेकर पहुंचे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ सांसद मनीष जायसवाल, ढुलू महतो, विद्युत वरण महतो, खीरू महतो, प्रदीप वर्मा समेत कई सांसद शामिल हुए. सांसदों का आरोप था कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता लगातार सवालों के घेरे में है और सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है और इस पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए.
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग, सरकार पर साधा निशाना
एनडीए सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि झारखंड में लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है. उनका आरोप है कि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों के बावजूद राज्य सरकार ठोस कदम उठाने में असफल रही है, जिससे छात्रों में भारी नाराजगी है. सांसदों ने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था लागू की जाए. उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास से जुड़ा विषय है, इसलिए सरकार को इस मामले में गंभीरता से जवाब देना चाहिए.

