VIDEO: JPSC-JSSC विवाद पर संसद में गरमाई सियासत, BJP सांसदों का मौन प्रदर्शन; महुआ माजी बोलीं- CM ने तुरंत कार्रवाई की
JPSC, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर संसद परिसर में झारखंड के भाजपा सांसदों ने मौन प्रदर्शन कर CBI जांच की मांग की. वहीं, राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि शिकायत मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई की थी और मामले की जांच जारी है.

झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर संसद परिसर में सियासी माहौल गर्म हो गया. JPSC, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर झारखंड के भाजपा सांसदों ने संसद परिसर में मौन प्रदर्शन किया और पूरे मामले की CBI जांच की मांग उठाई. दूसरी ओर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने राज्य सरकार का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने शिकायत सामने आते ही तत्काल कार्रवाई की और मामले की जांच जारी है. इस मुद्दे पर भाजपा और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.
संसद परिसर में BJP सांसदों का मौन प्रदर्शन
झारखंड के भाजपा सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में JPSC, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में मौन प्रदर्शन किया. सांसदों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है. प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू भी शामिल रहे. सांसदों ने केंद्र सरकार से पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच के बिना दोषियों पर कार्रवाई संभव नहीं है. उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है. भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस पूरे मामले में प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है.
महुआ माजी का जवाब- मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई की
भाजपा के आरोपों के बीच झारखंड से राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने राज्य सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि जैसे ही भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं, मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. उनके अनुसार सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. महुआ माजी ने कहा कि सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के पक्ष में है और युवाओं के हितों की रक्षा उसकी प्राथमिकता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो गई है.
भाजपा ने कांग्रेस और राज्य सरकार पर साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और झारखंड सरकार पर भी तीखा हमला बोला. राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर दोहरी राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्र हितों की बात करने वाली कांग्रेस झारखंड में JPSC, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों पर चुप है. साहू ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के हित में गंभीर है तो उसे राज्य सरकार से समर्थन वापस लेकर जवाबदेही तय करनी चाहिए. उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान हुई अभ्यर्थियों की मौत का मुद्दा भी उठाया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए. वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए विपक्ष के रवैये की आलोचना की.

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