Jamshedpur: जमशेदपुर में गुरुवार देर रात युवा उद्यमी कैरव गांधी अपहरण कांड के आरोपियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई. यह घटना रात करीब पौने दो बजे सर्किट हाउस (सीएच) एरिया स्थित साईं मंदिर के पास जंगल की झाड़ियों में हुई, जहां पुलिस हथियार बरामदगी के लिए आरोपियों को लेकर पहुंची थी. पुलिस के अनुसार, बरामदगी के बाद लौटते समय अपहरण कांड के मुख्य साजिशकर्ता सिंह साहब गिरोह के गुड्डू सिंह ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे के बॉडीगार्ड से कार्बाइन छीन ली और भागने के दौरान पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें तीन आरोपी घायल हो गए. घायल आरोपियों की पहचान बिहार के गया और नालंदा जिले के रहने वाले गुड्डू सिंह, इमरान आलम और रमीज रजा के रूप में हुई है. तीनों के पैर में एक-एक गोली लगी है. उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
छह राउंड फायरिंग, पुलिस ने की जवाबी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया था कि शहर छोड़ने से पहले उन्होंने सोनारी स्थित साईं मंदिर के पास जंगल में हथियार फेंक दिए थे. इसी सूचना के आधार पर पुलिस की टीम देर रात आरोपियों को लेकर मौके पर पहुंची थी. इसी दौरान गुड्डू सिंह ने अचानक पुलिसकर्मी से कार्बाइन छीन ली और पुलिस पर छह राउंड फायरिंग कर दी. जवाब में पुलिस ने पांच से छह राउंड गोलियां चलाईं, जिससे तीनों आरोपी घायल हो गए. मुठभेड़ स्थल से कई खोखे भी बरामद किए गए हैं. इस घटना में कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ.
हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से दो देशी कट्टा और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. मुठभेड़ की सूचना मिलते ही सीनियर एसपी पीयूष पांडेय, सिटी एसपी कुमार शिवाशीष समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया.
पुलिस अधिकारियों ने की पुष्टि
एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि हथियार रिकवरी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद पुलिस को आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ी. वहीं सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने कहा कि अचानक हुई फायरिंग में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए और तीनों आरोपियों को पैर में गोली लगी है. घायलों का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है और चिकित्सकीय निगरानी में उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी. पुलिस को उम्मीद है कि इस मुठभेड़ के बाद अपहरण कांड से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं. झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा शुक्रवार को जमशेदपुर पहुंचेंगी और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा करेंगी. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है और शहर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है.

