पकड़ा गया देशभर में बम धमकी की दहशत फैलाने वाला: मैसूर के श्रीनिवास लुईस ने भेजे 1100+ फर्जी ईमेल, दिल्ली हाईकोर्ट-स्कूलों को बनाया निशाना
मैसूर के श्रीनिवास लुईस को दिल्ली पुलिस ने 1100 से ज्यादा फर्जी बम धमकी ईमेल भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी ने दिल्ली हाईकोर्ट, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाकर देशभर में दहशत फैलाई थी. साइबर फॉरेंसिक जांच के जरिए पुलिस ने उसे ट्रेस कर पकड़ा.


New Delhi: देशभर में लगातार बम से उड़ाने की झूठी धमकियां देने वाले आरोपी को दिल्ली पुलिस ने बड़ी सफलता के साथ गिरफ्तार कर लिया है. कर्नाटक के मैसूर से 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस (Srinivas Louis) को शनिवार को ब्रिंदावन लेआउट के किराए के मकान से दबोचा गया. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने पिछले कुछ महीनों में 1100 से ज्यादा फर्जी बम धमकी वाले ईमेल और फोन कॉल किए. इनका निशाना दिल्ली हाईकोर्ट, दर्जनों स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालय रहे. हर बार धमकी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर आना पड़ता था, बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलते थे और आमजन में दहशत फैल जाती थी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने तकनीकी ट्रैकिंग, ईमेल आईपी और साइबर फॉरेंसिक के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई. आरोपी को दिल्ली लाया जा रहा है, जहां से गहन पूछताछ होगी.
दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने कैसे ट्रेस किया आरोपी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और साइबर यूनिट ने पिछले कई हफ्तों से इन फर्जी धमकियों पर नजर रखी थी. ईमेल ट्रेसिंग, आईपी एड्रेस लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट के जरिए टीम ने मैसूर तक पहुंच बनाई. स्थानीय वीवी पुरम पुलिस स्टेशन की मदद से शनिवार को ब्रिंदावन लेआउट, सेकंड फेज, सिक्स्थ क्रॉस स्थित किराए के मकान पर छापा मारा गया. आरोपी श्रीनिवास लुईस को बिना किसी प्रतिरोध के गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी अकेला ही पूरे ऑपरेशन को अंजाम दे रहा था.
1100+ फर्जी ईमेल: स्कूल, हाईकोर्ट और अस्पतालों में मचा हड़कंप
पुलिस जांच के मुताबिक श्रीनिवास लुईस ने एक महीने के अंदर ही 1100 से ज्यादा बम धमकी वाले ईमेल भेजे. इनमें दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली विधानसभा, कई राज्यों के स्कूल, अस्पताल और सरकारी दफ्तर शामिल थे. हर धमकी में लिखा होता था कि “बम लगा दिया गया है, उड़ाने वाला हूं”. फर्जी होने के बावजूद हर बार सुरक्षा एजेंसियों को भारी मशक्कत करनी पड़ती थी. स्कूलों में बच्चे, कोर्ट परिसर में वकील-जज और अस्पतालों में मरीज-डॉक्टर घंटों तक तनाव में रहते थे. कई जगहों पर कामकाज पूरी तरह ठप हो गया था.
आरोपी के लैपटॉप से बरामद हुए सबूत
छापेमारी के दौरान आरोपी के मकान से एक लैपटॉप बरामद किया गया, जिसमें से हजारों फर्जी ईमेल भेजने के सबूत मिले. प्रारंभिक पूछताछ में श्रीनिवास लुईस ने सारा अपराध कबूल लिया. पुलिस के अनुसार वह बेरोजगार है और पहले लॉ स्कूल ड्रॉपआउट रह चुका है. अधिकारियों को संदेह है कि आरोपी मानसिक तनाव या किसी मानसिक समस्या से जूझ रहा था. इसकी पुष्टि के लिए मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई और साजिश या नेटवर्क तो नहीं है.
देशभर में राहत, लेकिन पूछताछ जारी
इस गिरफ्तारी से देशभर के स्कूलों, कोर्टों और सरकारी संस्थानों में राहत की लहर दौड़ गई है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने इसे “बड़े फर्जी धमकी नेटवर्क” का खुलासा बताया. आरोपी को दिल्ली लाकर उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी. पुलिस अब यह जानने की कोशिश में जुटी है कि आरोपी ने इतनी धमकियां क्यों दीं और क्या कोई बाहरी मदद ली थी. फिलहाल आरोपी पर आईटी एक्ट, बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है.

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