सम्राट कैबिनेट में 32 मंत्रियों की एंट्री, बीजेपी-जेडीयू ने साधा बड़ा जातीय समीकरण
“पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को बिहार की राजनीति का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार हुआ, जिसमें कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली.”

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को बिहार की राजनीति का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार हुआ, जिसमें कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े एनडीए नेता मौजूद रहे. बीजेपी, जदयू और सहयोगी दलों के नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली. इस विस्तार की सबसे बड़ी चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री को लेकर रही.
पीएम मोदी के रोड शो ने बनाया माहौल
शपथ ग्रहण समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक भव्य रोड शो किया. करीब 8 किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान सड़कों के दोनों तरफ भारी भीड़ जुटी रही. लोगों ने फूल बरसाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया. कई जगहों पर ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. रोड शो के कारण पूरे पटना में चुनावी माहौल जैसा उत्साह देखने को मिला. गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
बीजेपी से मंत्री बने ये विधायक
• राम कृपाल यादव
• विजय कुमार सिन्हा
• दिलीप जायसवाल
• नीतीश मिश्रा
• प्रमोद चंद्रवंशी
• लखेंद्र पासवान
• संजय सिंह टाइगर
• रमा निषाद
• केदार प्रसाद गुप्ता
• मिथिलेश तिवारी
• नंद किशोर राम
• रामचंद्र प्रसाद
• अरुण शंकर प्रसाद
• इंजीनियर शैलेन्द्र
• श्रेयसी सिंह
जदयू से मंत्री बने ये विधायक
• निशांत कुमार
• श्रवण कुमार
• अशोक चौधरी
• लेसी सिंह
• मदन सहनी
• सुनील कुमार
• जमा खान
• भगवान सिंह कुशवाहा
• शीला कुमारी
• दामोदर रावत
• बुलो मंडल
• रत्नेश सदा
लोजपा (रामविलास) से मंत्री
• संजय पासवान
• संजय सिंह
हम पार्टी से मंत्री
• संतोष मांझी
आरएलएम से मंत्री
• दीपक प्रकाश
निशांत कुमार की एंट्री बनी चर्चा का केंद्र
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के मंत्री बनने के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. लंबे समय से राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत की यह पहली बड़ी राजनीतिक भूमिका मानी जा रही है. एनडीए खेमे में इसे युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.


