मेसी का लेटर बम! पूर्व खेल मंत्री पर गंभीर आरोप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
अर्जेंटीना के फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी ने कोलकाता में आयोजित अपने चर्चित G.O.A.T इंडिया टूर इवेंट को लेकर बड़ा खुलासा किया है. मेसी के कार्यालय की ओर से पश्चिम बंगाल पुलिस को भेजे गए एक ईमेल में इवेंट के दौरान हुई अव्यवस्था और सुरक्षा चूक के लिए तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास को जिम्मेदार

Kolkata: अर्जेंटीना के फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी ने कोलकाता में आयोजित अपने चर्चित G.O.A.T इंडिया टूर इवेंट को लेकर बड़ा खुलासा किया है. मेसी के कार्यालय की ओर से पश्चिम बंगाल पुलिस को भेजे गए एक ईमेल में इवेंट के दौरान हुई अव्यवस्था और सुरक्षा चूक के लिए तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास को जिम्मेदार ठहराया गया है. वहीं, इवेंट के प्रमोटर सतद्रु दत्ता को पूरी तरह क्लीन चिट दी गई है. पत्र में दावा किया गया है कि स्टेडियम में तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते मेसी को कार्यक्रम तय समय से पहले छोड़ना पड़ा. यह खुलासा ऐसे समय सामने आया है जब बिधाननगर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. मेसी की ओर से आया यह पत्र अब जांच में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है और इससे पूरे मामले ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है.
मेसी के कार्यालय का दावा, सुरक्षा प्रोटोकॉल का हुआ उल्लंघन
17 जून को मेसी के कार्यालय की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया है कि कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पहले से तय सुरक्षा नियमों और प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया. पत्र के अनुसार, आयोजन से पहले यह स्पष्ट रूप से तय किया गया था कि मैदान पर किसी भी गणमान्य व्यक्ति की मौजूदगी नहीं होगी और केवल सीमित संख्या में अधिकृत कैमरा ऑपरेटरों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. लेकिन कार्यक्रम के दौरान इन नियमों की अनदेखी की गई. मेसी की टीम का कहना है कि स्टेडियम में अनधिकृत लोगों की मौजूदगी लगातार बढ़ती गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि कार्यक्रम को समय से पहले समाप्त करने का फैसला प्रमोटर के नियंत्रण में नहीं था, बल्कि हालात को देखते हुए सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया. मेसी के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि प्रमोटर को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़ी कई स्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर थीं.
अरूप बिस्वास पर गंभीर आरोप, तस्वीरों और बातचीत का भी जिक्र
मेसी के कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पत्र के मुताबिक, निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होने के बावजूद अरूप बिस्वास मैदान में पहुंचे और कई गतिविधियों में शामिल हुए. मेसी की टीम का दावा है कि उन्होंने कई बार मेसी से बातचीत की और फोटो खिंचवाने के दौरान उनके कंधे तथा कमर पर हाथ रखकर तस्वीरें भी लीं. टीम के अनुसार, यह सब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था और इससे मेसी की सहजता तथा निजी दायरे पर असर पड़ा. पत्र में यह भी कहा गया है कि इवेंट के दौरान कई ऐसे लोग मैदान में मौजूद थे जिन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं थी. इन गतिविधियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा को प्रभावित किया और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए. मेसी की टीम का मानना है कि ऐसे हस्तक्षेपों के कारण कार्यक्रम का संचालन प्रभावित हुआ और स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण से बाहर होती चली गई.
अनधिकृत लोगों की भीड़ बनी परेशानी, समय से पहले जाना पड़ा
ईमेल में कहा गया है कि कार्यक्रम स्थल पर केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाना था, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत रही. मेसी की टीम के अनुसार, प्रतिबंधित क्षेत्रों में करीब 40 ऐसे फोटोग्राफर और कैमरा ऑपरेटर पहुंच गए थे जिनके पास कोई मान्यता नहीं थी. इसके अलावा कई अन्य अनधिकृत लोग भी मैदान के अंदर मौजूद थे. लगातार बढ़ती भीड़ और सुरक्षा घेरे में सेंध के कारण मेसी के लिए उन गतिविधियों में हिस्सा लेना मुश्किल हो गया था जिन्हें पहले से कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया था. टीम का कहना है कि मेसी की सुरक्षा, सहजता और निजी स्पेस को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई थीं. यही कारण था कि उन्हें तय समय से पहले कार्यक्रम छोड़ने का फैसला लेना पड़ा. पत्र में साफ कहा गया है कि उनकी समयपूर्व विदाई के पीछे केवल सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी, अनधिकृत लोगों का हस्तक्षेप और तय कार्यक्रम में बदलाव की कोशिशें जिम्मेदार थीं.
2025 के इवेंट में मचा था हंगामा, जांच में आया नया मोड़
दिसंबर 2025 में कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित G.O.A.T इंडिया टूर को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था. हजारों फुटबॉल प्रशंसकों ने महंगे टिकट खरीदकर अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक पाने के लिए स्टेडियम का रुख किया था. हालांकि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ गई और कई लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान तक पहुंच गए. हालात बिगड़ते देख मेसी को कुछ ही मिनटों में वहां से बाहर ले जाया गया. उनके जल्दी चले जाने से नाराज दर्शकों ने स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन किया और कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं. बड़ी संख्या में ऐसे प्रशंसक निराश लौटे जो मेसी को करीब से देखने की उम्मीद लेकर पहुंचे थे. अब जब मेसी की ओर से यह पत्र सामने आया है, तो बिधाननगर पुलिस की जांच को नई दिशा मिल गई है. इवेंट प्रमोटर सतद्रु दत्ता द्वारा की गई शिकायत और मेसी के बयान को जांच में अहम सबूत माना जा रहा है.

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