पंजाब में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: मालेरकोटला से दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी गिरफ्तार
Malerkotla में पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया, जो पिछले 15 साल से भारत में छिपकर रह रहे थे. इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई.


पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मालेरकोटला से दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. इनकी पहचान अब्बू गाबा हुरैरा और उस्मान के रूप में हुई है. दोनों करीब 15 साल से भारत में रह रहे थे और स्थानीय स्तर पर किराएदार के रूप में सामान्य जीवन जी रहे थे. पुलिस को इनकी जानकारी एक स्थानीय नशा तस्कर से पूछताछ के दौरान मिली, जो मालेरकोटला पुलिस के नशा विरोधी अभियान के तहत हिरासत में था. दोनों की पहचान जम्मू-कश्मीर में सूचीबद्ध वांछित आतंकियों से मेल खाती है. माहोराणा स्थित सीआईए विंग की टीम ने गांव शेरवानी कोट में छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया और बाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया. पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों लंबे समय से देश में घुसे हुए थे और किसी को उनकी असली पहचान का संदेह नहीं था. स्थानीय सरपंच ने छापेमारी की पुष्टि की है, हालांकि पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है.
संयुक्त कार्रवाई से साजिश टली
मालेरकोटला पुलिस जब नशे के खिलाफ अभियान चला रही थी, तब हिरासत में लिए गए एक स्थानीय नशा तस्कर से पूछताछ के दौरान इन दोनों संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई. पुलिस ने तुरंत जम्मू-कश्मीर पुलिस से समन्वय स्थापित किया और दोनों को ट्रैक कर लिया. गांव शेरवानी कोट के निवासी बताते हैं कि दोनों 15 वर्षों से अधिक समय से भारत के विभिन्न हिस्सों में रह रहे थे. वे सामान्य किराएदार के रूप में रहते थे और कोई भी उनकी देश-विरोधी गतिविधियों पर संदेह नहीं करता था. सीआईए टीम ने माहोराणा से गांव पहुंचकर छापा मारा और दोनों को हिरासत में लिया. बाद में उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया गया. स्थानीय सरपंच सिमरनजीत सिंह ने पुष्टि की कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने गांव में छापेमारी की और दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया. इस कार्रवाई से पंजाब में संभावित बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया.
15 साल से भारत में छिपे थे, जम्मू-कश्मीर में वांछित दो
नों संदिग्धों की पहचान जम्मू-कश्मीर पुलिस की वांछित सूची से मेल खाती है. वे लंबे समय से पंजाब के मालेरकोटला क्षेत्र में रह रहे थे और सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे थे. ग्रामीणों के अनुसार उनकी गतिविधियां संदिग्ध नहीं लगती थीं, जिससे वे आसानी से घुल-मिल गए थे. पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों की पाकिस्तानी नागरिकता और आतंकी संबंधों की पुष्टि हो रही है. हालांकि आधिकारिक बयान अभी जारी नहीं हुआ है, सूत्रों का कहना है कि दोनों पर गंभीर आरोप हैं.

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