झारखंड में 20 जून से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान
झारखंड में चुनाव आयोग 20 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू करने जा रहा है. इस दौरान BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. प्रारूप वोटर लिस्ट 5 अगस्त को जारी होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी.


झारखंड में चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. इस अभियान के तहत राज्यभर में मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा, ताकि फर्जी, डुप्लीकेट, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें और पात्र नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा जा सके. आयोग के अनुसार यह प्रक्रिया 20 जून 2026 से शुरू होगी और अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी. इस अभियान में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे. चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय बनेगी और आगामी चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जा सकेंगे. राज्य में लगभग 2.64 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा. इसके लिए हजारों BLO और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात किए जाएंगे. आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील भी की है ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके.
घर-घर जाकर होगा मतदाताओं का सत्यापन
निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार 20 जून से 29 जून 2026 तक तैयारी, प्रशिक्षण और दस्तावेजों की प्रिंटिंग का काम पूरा किया जाएगा. इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इस दौरान मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी किया जाएगा. आयोग ने कहा है कि सत्यापन अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करना है.
अगस्त में जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची
झारखंड में 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा. यदि किसी मतदाता का नाम सूची में गलत दर्ज है या छूट गया है तो वह इस अवधि में सुधार के लिए आवेदन कर सकेगा. आयोग दावे और आपत्तियों का निपटारा 3 अक्टूबर 2026 तक करेगा.
7 अक्टूबर को आएगी अंतिम वोटर लिस्ट
सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी. चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चुनावी प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. आयोग ने मतदाताओं और राजनीतिक दलों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है.

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