कानपुर हत्याकांड: बहू ने गूगल पर सर्च किया हत्या को आत्महत्या दिखाने का तरीका, CDR से खुले राज
“कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं. जांच के मुताबिक, हत्या से पहले बहू शालू ने गूगल पर वारदात को आत्महत्या जैसा दिखाने का तरीका खोजा था. ”

Kanpur: करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. जांच के मुताबिक, हत्या से पहले आरोपी बहू शालू ने गूगल पर हत्या को आत्महत्या जैसा दिखाने का तरीका तलाशा था. पुलिस ने आरोपियों से जुड़े सात मोबाइल नंबरों का करीब 1,000 पन्नों का CDR निकलवाया है. वहीं, वारदात के बाद नौकर विशाल गौतम की गतिविधियों और उसके साथी राजकिशोर से संपर्क की भी जांच हो रही है. पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों, आरोपियों के बयानों और संपत्ति से जुड़े विवादों को जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां तलाश रही है.
हत्या से पहले बहू ने गूगल पर तलाशा तरीका
कानपुर के 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की जांच में पुलिस को आरोपी बहू शालू की कथित ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री से अहम जानकारी मिली है. पुलिस के मुताबिक, वारदात से पहले शालू ने मोबाइल पर गूगल के जरिए यह जानने की कोशिश की थी कि किसी व्यक्ति की हत्या को आत्महत्या जैसा कैसे दिखाया जा सकता है. जांच एजेंसियां अब इस सर्च हिस्ट्री को हत्याकांड की साजिश से जोड़कर देख रही हैं. पुलिस ने कारोबारी के बेटे सुब्रत, बहू शालू और हत्यारोपी नौकर विशाल समेत आरोपियों से जुड़े सात मोबाइल नंबरों का करीब 1,000 पन्नों का CDR निकलवाया है. इसमें 1 मई से 6 सितंबर तक की कॉल डिटेल शामिल है. डीसीपी कासिम आबिदी के मुताबिक, रिकॉर्ड से आरोपियों की बातचीत और गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं.
हत्या के बाद विशाल ने साथी राजकिशोर को किए पांच फोन
जांच में सामने आया है कि कारोबारी की हत्या के बाद नौकर विशाल गौतम ने अपने साथी राजकिशोर को पांच बार फोन किया था. पुलिस के अनुसार, इसके बाद विशाल ऊबर कैब से राजकिशोर के ठिकाने तक पहुंचा. अब जांच टीम कैब के पूरे रूट मैप, ड्राइवर के बयान और डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड की जांच कर रही है. इससे वारदात के बाद विशाल की गतिविधियों की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है. विनीत मिनोचा की हत्या 5 सितंबर की रात हुई थी. इस मामले में उनकी बहू शालू, नौकर विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर जेल में बंद हैं. पूछताछ में शालू ने बताया था कि उसके ससुर उस पर कई तरह की बंदिशें लगाते थे. पुलिस इस बयान को हत्या की कथित साजिश और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों के साथ मिलाकर जांच कर रही है.
जेल में शालू और विशाल से पूछे गए 30 से ज्यादा सवाल
हत्याकांड के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने जेल जाकर आरोपी शालू और विशाल से पूछताछ की. पुलिस ने दोनों से 30 से ज्यादा सवाल किए. इनमें हत्या की साजिश, आरोपियों के बीच बातचीत, घटना वाले दिन की गतिविधियां और वारदात के बाद उठाए गए कदम शामिल थे. पुलिस ने शालू से पूछा कि विशाल ने उसका नाम क्यों लिया. इस पर उसने कथित तौर पर कहा कि उसे नहीं पता कि विशाल ने किसके कहने पर उसे फंसाया. घटना वाले दिन विशाल को 14 बार फोन करने के सवाल पर शालू ने बताया कि उसे कपल किटी में शामिल होना था और उसने विशाल से गजरा मंगवाया था. विशाल के आने में देर होने के कारण उसने कई बार फोन किया. वहीं, गार्ड मदन को अपना नाम शिवम बताने के सवाल पर शालू ने कहा कि उसे इसकी जानकारी नहीं थी.
विशाल का दावा- शालू के कहने पर की थी हत्या
पुलिस पूछताछ में नौकर विशाल गौतम ने दावा किया कि उसने अपनी भाभी शालू के कहने पर विनीत मिनोचा की हत्या की थी. उसके मुताबिक, शालू ने उसे 6 लाख रुपये देने का वादा किया था. विशाल ने बताया कि इस रकम से उसका 2 लाख रुपये का कर्ज खत्म हो जाता और उसे नौकरी पर रखने की बात भी कही गई थी. पुलिस के अनुसार, विशाल ने बताया कि शालू ने हत्या के अगले दिन 2 लाख रुपये और 15 दिन बाद बाकी 4 लाख रुपये देने का वादा किया था. जब उससे कारोबारी के बेटे सुब्रत के हत्याकांड से जुड़े होने के बारे में पूछा गया, तो उसने कहा कि सुब्रत का इस हत्या में कोई कनेक्शन नहीं है. पुलिस अब विशाल के बयान की पुष्टि दूसरे आरोपियों के बयानों और डिजिटल साक्ष्यों से कर रही है.
सुब्रत और विशाल के बीच 309 बार हुई बातचीत
डीसीपी वेस्ट के मुताबिक, कारोबारी के बेटे सुब्रत और नौकर विशाल के बीच 1 मई से 5 सितंबर तक करीब 309 बार बातचीत हुई थी. पुलिस के लिए यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विशाल को चोरी के आरोप में विनीत मिनोचा ने नौकरी से निकाल दिया था. इसके बावजूद वह सुब्रत के संपर्क में बना रहा. जांच टीम ने CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे विशाल की पहचान को लेकर भी सुब्रत से पूछताछ की है. अब पुलिस दोनों के बयानों का मिलान CDR और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों से कर रही है. अधिकारियों के अनुसार, शालू और विशाल की रिमांड लेने की तैयारी चल रही है. रिमांड मिलने के बाद दोनों का आमना-सामना सुब्रत से कराया जा सकता है, ताकि बयानों में अंतर और डिजिटल रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट हो सके.
हत्या से दो दिन पहले विशाल ने बदला था सिम कार्ड
पुलिस जांच में पता चला है कि विशाल गौतम के पास दो सिम कार्ड थे. पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश बनने के बाद उसने वारदात से करीब दो दिन पहले अपना पुराना सिम बंद कर नया नंबर ले लिया था. इसी नए नंबर से वह सुब्रत और शालू के संपर्क में था. हत्या वाले दिन सुब्रत ने विशाल से 25 बार, जबकि शालू ने 14 बार बातचीत की थी. जांच टीम कॉल्स के समय, अवधि और लोकेशन समेत दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड का भी मिलान कर रही है. विनीत मिनोचा बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स नाम से दवा की फर्म चलाते थे और बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे. पुलिस के मुताबिक, फर्म का सालाना टर्नओवर करीब 50 से 60 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. जांच में संपत्ति विवाद और लालच के एंगल को भी खंगाला जा रहा है.
करोड़ों की संपत्ति की वसीयत भी जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार, विनीत मिनोचा ने वर्ष 2022 में अपनी करोड़ों रुपये की संपत्ति की वसीयत पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम की थी. पुलिस अब संपत्ति से जुड़े पहलुओं को भी हत्याकांड की जांच में शामिल कर रही है. पुनीता लंबे समय से पति से अलग रह रही थीं और गाजियाबाद में बेटी के साथ रहती हैं. वह पेशे से मैरिज काउंसलर हैं. जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संपत्ति, पारिवारिक विवाद और आरोपियों के बीच संपर्क का हत्या से कोई संबंध था या नहीं. इस मामले में पुलिस के सामने डिजिटल साक्ष्य और आरोपियों के बयान महत्वपूर्ण हैं. हालांकि, हत्या के पीछे असल वजह और सभी आरोपियों की भूमिका का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.
शादी से पहले से अलग रह रही थीं पुनीता
शालू के भाई धीरज अरोड़ा के मुताबिक, सुब्रत और शालू की शादी तय होने के बाद लखनऊ में रोका कार्यक्रम हुआ था. इसमें सुब्रत के रिश्तेदार शामिल हुए थे, लेकिन उनकी मां पुनीता कार्यक्रम में नहीं पहुंची थीं. हालांकि, उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए शालू से बातचीत कर उसे आशीर्वाद दिया था. धीरज के अनुसार, पुनीता शादी से पहले से ही गाजियाबाद में रह रही थीं. अब पुलिस हत्या के पीछे पारिवारिक परिस्थितियों, संपत्ति से जुड़े पहलुओं और आरोपियों के बीच संपर्क की जांच कर रही है. CDR, CCTV फुटेज, ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री और कैब से जुड़े रिकॉर्ड को एक साथ जोड़कर घटनाक्रम की पुष्टि की जा रही है. पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस हत्याकांड में आरोपियों की कथित भूमिका और हत्या की वजह से जुड़े सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है.




