साहिबगंज में साइबर ठगों पर बड़ा एक्शन, 50 हजार पोस्टर से जागरूकता; 5000 खातों तक पहुंची ठगी की रकम
Sahibganj News: साहिबगंज में बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए जिला पुलिस ने व्यापक जागरूकता अभियान की तैयारी की है. जिलेभर में करीब 50 हजार पोस्टर लगाए जाएंगे और पुलिस अधिकारी स्कूल-कॉलेजों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को डिजिटल ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से बचाव के तरीके बताएंगे.

Sahibganj News: साहिबगंज में बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल ठगी के मामलों के बीच जिला पुलिस ने अब जागरूकता और तकनीकी जांच, दोनों मोर्चों पर अभियान तेज करने की तैयारी की है. पुलिस जिलेभर में करीब 50 हजार पोस्टर लगाकर लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान करेगी. स्कूल-कॉलेजों में पुलिस अधिकारियों की टीम पहुंचकर छात्र-छात्राओं को डिजिटल फ्रॉड, फर्जी कॉल, ओटीपी ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों की जानकारी देगी. इसी बीच 1.20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के एक मामले की जांच में 5000 से अधिक बैंक खातों और मोबाइल बैंकिंग माध्यमों में रकम पहुंचने की बात सामने आई है.
50 हजार पोस्टर से जिलेभर में चलेगा जागरूकता अभियान
साहिबगंज पुलिस ने साइबर अपराध से बचाव के लिए बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान की योजना बनाई है. इसके तहत स्कूल-कॉलेजों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जाएंगे. शहर में चलने वाले वाहनों के माध्यम से भी लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की तैयारी है. पुलिस का मानना है कि ठगी के बदलते तरीकों की जानकारी लोगों तक पहुंचाकर कई घटनाओं को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता है.
स्कूल-कॉलेजों में छात्रों को बताए जाएंगे साइबर ठगी से बचने के तरीके
अभियान का खास फोकस विद्यार्थियों पर रहेगा. पुलिस अधिकारी शिक्षण संस्थानों में जाकर छात्रों को अनजान लिंक, फर्जी केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर किए जाने वाले फोन और सोशल मीडिया फ्रॉड से सावधान करेंगे. लोगों को स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, पासवर्ड या बैंकिंग डिटेल साझा न करें. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जागरूक छात्र अपने परिवार के सदस्यों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क कर सकते हैं.
1.20 करोड़ की ठगी, 5000 से ज्यादा खातों तक पहुंची रकम
साहिबगंज में डिजिटल अरेस्ट से जुड़े 1.20 करोड़ रुपये की ठगी के मामले ने साइबर अपराधियों के नेटवर्क की जटिलता सामने ला दी है. पुलिस जांच में पता चला है कि ठगी की रकम अलग-अलग चरणों में 5000 से अधिक बैंक खातों और मोबाइल बैंकिंग माध्यमों तक पहुंचाई गई. इससे पहले जांच में 4000 से अधिक खातों का कनेक्शन सामने आया था, जिसे बाद में बढ़कर 5000 से अधिक बताया गया. एसआईटी संदिग्ध खातों और पैसों के ट्रांजेक्शन की कड़ी खंगाल रही है.
साइबर सेल के जरिए ट्रांजेक्शन और डिजिटल सबूतों की जांच
साइबर अपराध की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के लिए साहिबगंज एसपी कार्यालय में साइबर सेल को सक्रिय किया गया है. पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. 1.20 करोड़ रुपये के मामले में एसआईटी ने कई संदिग्ध खातों को फ्रीज कर रकम जब्त भी की है. पुलिस की जांच अब ठगी की रकम के पूरे ट्रांजेक्शन नेटवर्क को जोड़ने पर केंद्रित है.
डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए पुलिस की खास अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाए तो घबराएं नहीं. डिजिटल अरेस्ट के नाम पर वीडियो कॉल के जरिए दबाव बनाना साइबर ठगी का तरीका हो सकता है. साहिबगंज में सामने आए 1.20 करोड़ रुपये के मामले में भी कथित तौर पर फर्जी सीबीआई अधिकारियों ने पीड़ित को लंबे समय तक दबाव में रखा और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई.
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी होने पर शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए. समय पर सूचना मिलने से बैंकिंग ट्रांजेक्शन को रोकने या संदिग्ध रकम को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ सकती है. जिला पुलिस का लक्ष्य अब जागरूकता अभियान के साथ-साथ साइबर अपराधियों के बैंकिंग और डिजिटल नेटवर्क पर भी शिकंजा कसना है.

