झारखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति अब दिल्ली दरबार तक पहुंच चुकी है. प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को केंद्रीय नेतृत्व ने तलब किया है. यह अहम बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर होगी, जिसमें राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहेंगे.
सिर्फ बैठक नहीं, संगठन का मंथन
इस बैठक को महज औपचारिक मुलाकात नहीं माना जा रहा. एजेंडा साफ है—
• झारखंड की मौजूदा राजनीतिक स्थिति
• सरकार में कांग्रेस की भूमिका
• संगठन और विधायकों की नाराज़गी
• और आगे की रणनीति
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व झारखंड में कांग्रेस की स्थिति को लेकर पूरी रिपोर्ट कार्ड तैयार करना चाहता है.
विधायकों की शिकायतों पर सीधी चर्चा
दिल्ली बैठक में उन शिकायतों को भी रखा जाएगा, जो हाल ही में कांग्रेस विधायकों ने उठाई हैं. विधायकों का आरोप है कि कांग्रेस के मंत्री सरकार में रहते हुए पार्टी विधायकों को तवज्जो नहीं दे रहे हैं. इन्हीं शिकायतों को लेकर पिछले सप्ताह कई विधायक दिल्ली पहुंचे थे और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की थी
माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रियों से सीधे जवाब भी मांगे जा सकते हैं. संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल को लेकर केंद्रीय नेतृत्व सख्त रुख अपना सकता है.
बैठक में कौन-कौन होगा शामिल
• केशव महतो कमलेश (प्रदेश अध्यक्ष)
• के. राजू (कांग्रेस प्रभारी)
• प्रदीप यादव (विधायक दल नेता)
• मंत्री राधाकृष्ण किशोर
• मंत्री इरफान अंसारी
• मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
• मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की
• कांग्रेस के सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
क्यों अहम है यह दिल्ली बैठक?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक—
• झारखंड कांग्रेस में संगठनात्मक दिशा तय कर सकती है
• मंत्रियों की भूमिका पर बड़ा संदेश दे सकती है
• और आने वाले चुनावों से पहले पार्टी की रणनीति को धार दे सकती है
कुल मिलाकर, दिल्ली में होने वाली यह बैठक झारखंड कांग्रेस के लिए ‘फुल एंड फाइनल रिव्यू’ जैसी मानी जा रही है.


