क्या RLM में टूट की ओर बढ़ रही है पार्टी? उपेंद्र कुशवाहा ने पहली बार दी प्रतिक्रिया
RLM में टूट के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने साफ कहा कि उनकी पार्टी में किसी तरह की भगदड़ या टूट का कोई सवाल ही नहीं है. रोहतास जिले के सासाराम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल बेवजह उठाए जा रहे हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में उठापटक की चर्चाओं के बीच पार्टी सुप्रीमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान सामने आया है. पार्टी में इस्तीफों और विधायकों की कथित नाराजगी को लेकर चल रही अटकलों पर कुशवाहा ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है.
टूट की अटकलों को सिरे से किया खारिज
RLM में टूट के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने साफ कहा कि उनकी पार्टी में किसी तरह की भगदड़ या टूट का कोई सवाल ही नहीं है. रोहतास जिले के सासाराम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल बेवजह उठाए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा, “आप लोग फालतू सवाल कर रहे हैं. पार्टी में टूट जैसा कोई मुद्दा है ही नहीं. कोई ठोस सवाल हो तभी उसका जवाब दिया जा सकता है.”
लिट्टी पार्टी में विधायकों की गैरहाजिरी को बताया गैर-मुद्दा
पटना में हाल ही में आयोजित पार्टी की लिट्टी पार्टी में तीन विधायकों के शामिल नहीं होने को लेकर भी कुशवाहा ने इसे मुद्दा मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा करने का कोई औचित्य नहीं है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है.
इस्तीफों और असंतोष की खबरों पर सफाई
पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में RLM के कई कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया है, जिसके बाद पार्टी में असंतोष की चर्चाएं तेज हुईं. हालांकि उपेंद्र कुशवाहा ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी तरह का संकट नहीं है.
विधायकों की नाराजगी की चर्चा
RLM में इस समय चार विधायक हैं. इनमें उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता के अलावा रामेश्वर महतो, आलोक कुमार और माधव आनंद शामिल हैं. बताया जा रहा है कि पार्टी की लिट्टी चोखा भोज में स्नेहलता को छोड़कर अन्य तीन विधायक शामिल नहीं हुए थे. यही नहीं, ये तीनों विधायक हाल ही में भाजपा नेता नितिन नबीन के साथ मंच साझा करते भी नजर आए, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें और तेज हो गईं.
टिकट और मंत्री पद को लेकर उभरी नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक, सासाराम विधानसभा सीट से स्नेहलता को टिकट दिए जाने और बाद में बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आई. इसके बाद ही कार्यकर्ताओं के इस्तीफे शुरू हुए और पार्टी में असंतोष की चर्चा तेज हुई.
भाजपा से नजदीकियों के बीच बढ़ीं अटकलें
भाजपा से बढ़ती नजदीकियों के बीच RLM में चल रही हलचल ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े किए हैं. हालांकि उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि ये सभी बातें बेबुनियाद हैं और पार्टी पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है.

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