छात्र आंदोलन पर INDIA गठबंधन का दोहरा रुख, मुख्य सचिव से कहा- छात्रों और अराजक तत्वों को अलग कर हो कार्रवाई
छात्र आंदोलन को लेकर INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात की. नेताओं ने छात्रों और अराजक तत्वों को अलग कर वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.

Ranchi: झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा. कांग्रेस, JMM, RJD और माले के नेताओं ने कहा कि छात्रों के मुद्दों के प्रति गठबंधन की पूरी सहानुभूति है, लेकिन आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए. प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन के दौरान की गतिविधियों से जुड़े वीडियो फुटेज मुख्य सचिव को सौंपे और फुटेज के आधार पर लोगों की पहचान कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. गठबंधन ने आरोप लगाया कि BJP के अलग-अलग विंग ने छात्रों की आड़ में स्थिति बिगाड़ने और सरकार को बदनाम करने की कोशिश की. नेताओं ने कहा कि जांच में यदि कोई छात्र भी अराजक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है और उसके खिलाफ आरोप साबित होते हैं, तो उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए.
वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के सामने आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं का पूरा मामला रखा. नेताओं ने कहा कि छात्रों और अराजक तत्वों को अलग-अलग देखा जाना चाहिए. जो लोग हिंसा या अराजक गतिविधियों में शामिल रहे हैं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. प्रतिनिधिमंडल ने इसके लिए आंदोलन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज भी मुख्य सचिव को सौंपे. नेताओं ने मांग की कि फुटेज की जांच कर उसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की जाए और दोष साबित होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. INDIA गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आड़ में BJP के अलग-अलग विंग ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. गठबंधन का आरोप है कि बीजेपी छात्रों को आगे रखकर अराजकता फैलाना और सरकार को बदनाम करना चाहती है.
छात्रों के दोषी पाए जाने पर भी कार्रवाई की बात
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि छात्रों के मुद्दों के प्रति सहानुभूति का मतलब अराजक गतिविधियों को समर्थन देना नहीं है. नेताओं ने कहा कि यदि जांच में कोई छात्र भी अराजकता फैलाने में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. कांग्रेस नेता ने मांग की कि छात्रों की आड़ में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाए. नेताओं ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने से ऐसे तत्वों का मनोबल बढ़ सकता है. प्रतिनिधिमंडल ने CID जांच की गति तेज करने की भी मांग की. नेताओं के अनुसार, आंदोलन से पहले ही CID ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी थी. प्रतिनिधिमंडल ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई जल्द पूरी करने की मांग की.
JPSC और CGL समेत परीक्षा मामलों की जांच तेज करने की मांग
छात्र आंदोलन से जुड़े मामले के अलावा प्रतिनिधिमंडल ने JPSC, CGL समेत परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई में तेजी लाने की मांग की. नेताओं ने कहा कि परीक्षा से जुड़े मामलों में छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जांच को जल्द आगे बढ़ाया जाना चाहिए. प्रतिनिधिमंडल ने मामले में दो दर्जन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ का भी उल्लेख किया. साथ ही JPSC के अध्यक्ष की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए जांच की मौजूदा स्थिति पर भी बात रखी. नेताओं ने मुख्य सचिव से मांग की कि छात्र और अराजक तत्वों के बीच स्पष्ट अंतर करते हुए निष्पक्ष जांच की जाए. उनका कहना है कि दोषी चाहे कोई भी हो, जांच में दोष साबित होने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.




