लेखा लिपिक संवर्ग को खत्म करने के फैसले का विरोध, 10 सितंबर को काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे कर्मचारी
झारखंड राज्य लेखा लिपिक संघ ने लेखा लिपिक के पदों को ‘मरणशील संवर्ग’ घोषित कर समाप्त करने की प्रक्रिया का विरोध किया है. संघ ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए 10 सितंबर 2026 को राज्यभर के कार्य विभागों में काला बिल्ला लगाकर विरोध करने का फैसला लिया है.

Ranchi: झारखंड राज्य लेखा लिपिक संघ ने लेखा लिपिक के पदों को ‘मरणशील संवर्ग’ घोषित कर समाप्त करने की प्रक्रिया का विरोध किया है. संघ का कहना है कि राज्य सरकार के विभिन्न कार्य विभागों में लेखा लिपिकों को संवर्गीय पदोन्नति देने के बजाय उनके पद समाप्त करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है. संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की 28 अगस्त को हुई बैठक में इस फैसले पर असंतोष जताते हुए आगे की रणनीति तय की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अविनाश कुमार मिश्र ने की. संघ ने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग करते हुए 10 सितंबर 2026 को राज्य के सभी कार्य विभागों में काला बिल्ला लगाकर काम करने का फैसला लिया है. संघ ने संकेत दिया है कि मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो रांची में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा.
पद समाप्त करने के फैसले पर संघ ने उठाए सवाल
संघ के मुताबिक, राज्य मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुरूप लेखा लिपिकों को संवर्गीय पदोन्नति का लाभ दिए जाने की अपेक्षा थी. इसके बजाय मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति के स्तर से लेखा लिपिक संवर्ग को मरणशील घोषित करने और संबंधित पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया पर संघ ने आपत्ति जताई है. बैठक में पदों की जरूरत और विभागीय कामकाज में उनकी भूमिका का हवाला देते हुए इस निर्णय को वापस लेने की मांग की गई. संघ का तर्क है कि सरकार एक ओर रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात कर रही है, जबकि दूसरी ओर मौजूदा पदों को समाप्त करने का निर्णय लिया जा रहा है. इसी मुद्दे को लेकर संगठन ने चरणबद्ध तरीके से विरोध दर्ज कराने का फैसला किया है.
10 सितंबर को राज्यभर में विरोध, आगे आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश कार्यकारिणी ने तय किया है कि 10 सितंबर को सभी कार्य विभागों में लेखा लिपिक काला बिल्ला लगाकर अपने नियमित कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे. संघ ने इसे विरोध दर्ज कराने का पहला चरण बताया है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार लेखा लिपिक संवर्ग को मरणशील घोषित करने संबंधी फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती है, तो रांची स्थित राज्य मुख्यालय में आगे आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. बैठक में रांची, जमशेदपुर, देवघर, दुमका, गोड्डा, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद समेत विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष राघवेंद्र चंद्रदेव और अनीश कुमार शाही, महासचिव अमरेश कुमार, कोषाध्यक्ष ब्रजेश कुमार झा, संयुक्त सचिव विश्वजीत कुमार झा और अमर कुमार सिंह समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे.

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