JPSC की FRO-ACF परीक्षा पर हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार से काउंटर एफिडेविट तलब
JPSC FRO और ACF परीक्षा रद्द करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने राज्य सरकार से 24 सितंबर तक जवाब मांगा है.

Ranchi: JPSC की वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) और सहायक वन संरक्षक (ACF) नियुक्ति परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने राज्य सरकार को 24 सितंबर 2026 तक काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है और यदि संबंधित पदों के लिए विज्ञापन जारी होता है तो अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद अदालत इस मामले पर आगे संज्ञान लेगी. दोनों परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच की प्रक्रिया भी पहले स्थगित की जा चुकी है. अब परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट के सामने सरकार का जवाब अहम होगा. इस मामले के साथ झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई और आगे बढ़ गई है.
248 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर पड़ा रद्दीकरण का असर
JPSC ने झारखंड वन सेवा के तहत Forest Range Officer और Assistant Conservator of Forest के कुल 248 पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की थी. आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक Assistant Conservator of Forest के लिए विज्ञापन संख्या 03/2024 और Forest Range Officer के लिए विज्ञापन संख्या 04/2024 जारी किया गया था. इस भर्ती में लिखित परीक्षा के चरण पूरे हो चुके थे. FRO की मुख्य परीक्षा 22 से 24 जनवरी 2026 के बीच हुई थी. वहीं दोनों पदों के लिए आगे की प्रक्रिया में सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच और माप परीक्षा होनी थी. JPSC ने अगस्त में इस प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया. FRO के लिए यह प्रक्रिया 11 से 13 अगस्त और ACF के लिए 17 और 18 अगस्त को प्रस्तावित थी. अब परीक्षा रद्द करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया का अगला चरण अदालत के रुख पर निर्भर करेगा.
सरकार के फैसले के बाद क्यों बढ़ा भर्ती विवाद
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर पिछले कुछ समय से अभ्यर्थियों का आंदोलन चल रहा है. JPSC और JSSC की कई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए गए. इसी विवाद के बीच राज्य सरकार ने कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया. सरकार के फैसले में JPSC और JSSC से जुड़ी कई परीक्षाएं शामिल थीं. सरकार की कार्रवाई के खिलाफ अभ्यर्थियों ने अलग-अलग मामलों में हाईकोर्ट का रुख किया. अदालत में याचिकाकर्ताओं की ओर से यह सवाल उठाया गया कि परीक्षा या नियुक्ति रद्द करने से पहले सभी प्रभावित अभ्यर्थियों के मामले की उचित प्रक्रिया के तहत जांच की जानी चाहिए. इसी व्यापक विवाद के बीच अब FRO और ACF परीक्षा का मामला भी हाईकोर्ट पहुंचा है. इस मामले में अदालत ने अभी परीक्षा रद्द करने के फैसले पर अंतिम निर्णय नहीं दिया है. फिलहाल सरकार से जवाब मांगा गया है.
JSSC CGL से 11वीं-13वीं JPSC तक, कब क्या हुआ?
भर्ती परीक्षा विवाद में अलग-अलग मामलों पर हाईकोर्ट के आदेश भी आए हैं. 20 अगस्त 2026: झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी. इसी आदेश में Food Safety Officer की नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर भी रोक लगी. इससे प्रभावित अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत मिली. 21 अगस्त 2026: हाईकोर्ट ने JSSC CGL और CDPO परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी फैसले पर भी रोक लगा दी. अदालत के इस आदेश से इन परीक्षाओं के जरिए चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली. अब 24 अगस्त 2026: FRO और ACF नियुक्ति परीक्षा रद्द करने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. यानी इस परीक्षा के मामले में अभी स्टे का अंतिम आदेश सामने नहीं आया है; फिलहाल सरकार से काउंटर एफिडेविट मांगा गया है.
24 सितंबर को सरकार के जवाब के बाद क्या होगा?
इस मामले में अब अगली अहम तारीख 24 सितंबर 2026 है. राज्य सरकार को तब तक अपना काउंटर एफिडेविट दाखिल करना होगा. इसके बाद याचिकाकर्ता सरकार के जवाब पर अपनी दलील रख सकते हैं. सुनवाई के दौरान अदालत की मौखिक टिप्पणी के मुताबिक, यदि संबंधित पदों के लिए विज्ञापन जारी होता है तो अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं. हालांकि इससे भर्ती प्रक्रिया के अंतिम परिणाम या नियुक्ति का अधिकार तय नहीं होता. आगे की प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगी. फिलहाल FRO और ACF परीक्षा को लेकर सबसे अहम सवाल यही है कि सरकार परीक्षा रद्द करने के अपने फैसले के समर्थन में अदालत के सामने क्या आधार और दस्तावेज रखती है. 24 सितंबर के बाद कोर्ट के रुख से इस भर्ती के भविष्य की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.

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