एंटी पेपर लीक बिल पर संसद में तीखी बहस, खरगे ने सरकार को घेरा, जितेंद्र सिंह ने किया पलटवार
“एंटी पेपर लीक बिल पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ सख्त कानून बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी. वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकार के कदमों का बचाव करते हुए विपक्ष पर पलटवार किया.”

Parliament Session: संसद में गुरुवार को पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) बिल, 2026 को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर पेपर लीक रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि केवल सजा बढ़ाने या जुर्माना बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा. वहीं, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकार का बचाव करते हुए दावा किया कि एनडीए सरकार उन सुधारों को लागू कर रही है, जिन्हें यूपीए सरकार अपने कार्यकाल में पूरा नहीं कर सकी थी. इस बीच गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से जुड़े संशोधन विधेयक को भी लोकसभा में पेश करेंगे.
खरगे ने सरकार पर साधा निशाना
राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लाए गए संशोधन विधेयक में केवल जुर्माना बढ़ाने, सख्त सजा, स्पेशल टास्क फोर्स और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान जोड़े गए हैं, लेकिन इससे समस्या की जड़ खत्म नहीं होगी. खरगे ने कहा कि असली समाधान पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और मजबूत व्यवस्था है, ताकि प्रश्नपत्र लीक होने की नौबत ही न आए. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने 2024 में ही ऐसे कड़े कानून की मांग की थी, लेकिन उस समय सरकार ने उनकी बात नहीं मानी.
छात्रों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला
मल्लिकार्जुन खरगे ने परीक्षा घोटालों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे को भी सदन में उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं. खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों इस मुद्दे पर चुप हैं. उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि छात्रों की आवाज नहीं सुनी गई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को फिर सबक सिखाएंगे. विपक्ष ने सरकार से मांग की कि केवल कानून बनाने के बजाय परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके.
जितेंद्र सिंह का पलटवार, UPA पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि एनडीए सरकार यूपीए के अधूरे एजेंडे को पूरा कर रही है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा एजेंसी बनाने का सुझाव पहली बार 1992 में आया था और 2010 में यूपीए सरकार की समिति ने भी इसकी सिफारिश की थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की स्थापना की गई और भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. उनके अनुसार, वर्तमान सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
राष्ट्रीय सम्मान संशोधन विधेयक भी होगा पेश
संसदीय कार्यवाही के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेंगे. यह विधेयक राज्यसभा से पारित राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन से संबंधित है. सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर मौजूदा कानून को और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है. यदि यह विधेयक संसद से पारित हो जाता है, तो राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधानों में बदलाव लागू हो सकते हैं. संसद के मौजूदा सत्र में इस विधेयक पर भी व्यापक चर्चा होने की संभावना है.


