बिहार राज्यसभा चुनाव में खेल खत्म! पांचों सीटों पर NDA की जीत तय
राज्यसभा चुनाव 2026 में बिहार से बड़ी खबर सामने आई है. महागठबंधन के चार विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए, जिससे एनडीए के पांचों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है.

राज्यसभा चुनाव के दौरान बिहार में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है. मतदान के दौरान महागठबंधन के चार विधायक वोट डालने नहीं पहुंचे, जिससे एनडीए का पलड़ा भारी हो गया है. जानकारी के मुताबिक राजद विधायक फैसल रहमान और कांग्रेस के तीन विधायक मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास ने मतदान नहीं किया. दूसरी ओर एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अपना वोट डाल दिया. ऐसे में बिहार की पांचवीं सीट पर भी एनडीए उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है. बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं. चार सीटों पर एनडीए की जीत पहले ही लगभग तय थी, जबकि पांचवीं सीट पर मुकाबला एनडीए समर्थित उम्मीदवार और महागठबंधन के प्रत्याशी के बीच माना जा रहा था. लेकिन चार विधायकों के वोट नहीं पड़ने से अब एनडीए के सभी पांच उम्मीदवारों की जीत की संभावना मजबूत हो गई है.
बिहार में दिलचस्प मुकाबला, पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए इस बार मुकाबला काफी रोचक हो गया था. सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन की ओर से Nitish Kumar के नेतृत्व वाले दलों के उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें जदयू और भाजपा के प्रत्याशी शामिल थे. राजनीतिक समीकरणों के अनुसार एनडीए के चार उम्मीदवारों की जीत पहले से लगभग तय मानी जा रही थी, जबकि पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया था. इस सीट पर एनडीए समर्थित उम्मीदवार और विपक्षी महागठबंधन के उम्मीदवार के बीच सीधी टक्कर देखी जा रही थी. विपक्ष को उम्मीद थी कि अतिरिक्त समर्थन के जरिए वह इस सीट को जीत सकता है, लेकिन मतदान के दिन हालात बदलते नजर आए.
चार विधायकों के वोट नहीं पड़ने से बदला समीकरण
मतदान के दौरान विपक्षी खेमे के लिए सबसे बड़ा झटका तब लगा जब महागठबंधन के चार विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हो सके. इनमें Faisal Rahman के अलावा कांग्रेस के तीन विधायक—Manohar Prasad, Surendra Kushwaha और Manoj Vishwas शामिल बताए जा रहे हैं. इन विधायकों के मतदान नहीं करने से महागठबंधन के वोटों की संख्या घटकर 37 के आसपास रह गई. वहीं दूसरी ओर एनडीए के सभी 202 विधायकों ने मतदान किया. इस वजह से एनडीए के पांचवें उम्मीदवार के पक्ष में आवश्यक समर्थन मिलना आसान हो गया और उनकी जीत की संभावना मजबूत मानी जाने लगी.
तेजस्वी यादव ने नतीजों का इंतजार करने को कहा
वोटिंग के दौरान विपक्ष की ओर से भी बयानबाजी जारी रही. Tejashwi Yadav ने विधायकों की अनुपस्थिति के सवाल पर कहा कि अभी अंतिम परिणाम का इंतजार करना चाहिए. उनका कहना था कि विपक्ष के सभी सहयोगी दलों के वोट जोड़ दिए जाएं तो संख्या ज्यादा हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. तेजस्वी यादव ने भरोसा जताया कि परिणाम आने तक किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी.
ओडिशा और हरियाणा में भी रोचक स्थिति
उधर राज्यसभा चुनाव के दौरान Odisha और Haryana में भी दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला. ओडिशा में चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे और क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं भी सामने आईं. वहीं हरियाणा में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला था. यहां कुछ दलों ने चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करने का फैसला भी किया. इन घटनाक्रमों के कारण राज्यसभा चुनाव का यह चरण काफी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
मतदान समाप्त, अब नतीजों का इंतजार
बिहार सहित सभी राज्यों में मतदान की प्रक्रिया शाम तक पूरी हो गई. इसके बाद मतगणना शुरू होने वाली है और थोड़ी ही देर में परिणाम घोषित होने की संभावना है. राजनीतिक दलों की नजरें खासतौर पर बिहार की पांचवीं सीट पर टिकी हुई हैं, जहां वोटों के बदलते समीकरण के कारण मुकाबला चर्चा का विषय बना हुआ है. अब देखना होगा कि अंतिम नतीजों में कौन सा गठबंधन बढ़त हासिल करता है और किसके खाते में राज्यसभा की ये सीटें जाती हैं.

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