चतरा विधायक के बेटे सौरभ कुमार के कथित अपहरण केस में दरोगा के बेटे समेत 9 पर FIR
चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ कुमार के कथित अपहरण और मारपीट मामले में 24 घंटे बाद FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने दरोगा के बेटे समेत 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है.

Ranchi: चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ कुमार के कथित अपहरण और मारपीट के मामले में 24 घंटे बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले में नौ लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि कुछ अज्ञात युवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. आरोपियों में लक्की राज भी शामिल है, जिसे पुलिस के अनुसार दरोगा का बेटा बताया जा रहा है. घटना 7 सितंबर की शाम अमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर हुई थी. आरोप है कि विवाद के बाद दो स्कॉर्पियो से पहुंचे युवकों ने सौरभ के साथ मारपीट की और उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और CCTV फुटेज की मदद से करीब दो घंटे में सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया था.
नौ लोगों के खिलाफ नामजद FIR
मामले में पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है. नामजद आरोपियों में लक्की राज, आयुष मिश्रा, प्रकाश कुमार, रौनक सिंह, प्रीतम सिंह, राहुल बनिया, बाबू साहेब आयुष, शौर्या राज और रोहित सिंह उर्फ तोता शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में शामिल लक्की राज को दरोगा का पुत्र बताया जा रहा है. घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते की कोशिश भी की गई थी, लेकिन सहमति नहीं बनने के बाद मंगलवार देर शाम विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. पुलिस ने इस मामले में कुछ अज्ञात युवकों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा है. अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों, CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने सौरभ कुमार के कथित अपहरण, मारपीट, धमकी और लूटपाट के आरोपों को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. प्राथमिकी में BNS की धारा 140(3), 127(2), 115(2), 351(2), 352 और 3(5) लगाई गई हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. जांच के दौरान नामजद आरोपियों के साथ-साथ उन अज्ञात युवकों की पहचान भी की जा रही है, जिनके घटना में शामिल होने की बात सामने आई है. पुलिस घटना से जुड़े CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध जानकारी को आधार बनाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी.
दो घंटे में सौरभ को किया गया था बरामद
बताया जाता है कि 7 सितंबर की शाम करीब चार बजे अमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर से चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ कुमार को कथित तौर पर जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया था. शिकायत के अनुसार, उनके साथ मारपीट और लूटपाट भी की गई. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की मदद से पुलिस ने करीब दो घंटे के भीतर सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद घटना को लेकर जांच तेज कर दी गई. हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने में करीब 24 घंटे का समय लगा. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश किए जाने की भी बात सामने आई. सहमति नहीं बनने के बाद पुलिस ने मंगलवार देर शाम औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
विवाद के बाद दो स्कॉर्पियो से पहुंचे युवक
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले सौरभ कुमार अपने सहपाठियों अमरदीप दुबे, अनमोल और रविशंकर के साथ यूनिवर्सिटी के गेट के पास खड़े थे. इसी दौरान जूनियर छात्र लक्की राज के साथ अमरदीप की किसी बात को लेकर बहस हो गई. आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद लक्की राज ने फोन कर कुछ बाहरी युवकों को मौके पर बुलाया. इसके बाद दो काले रंग की स्कॉर्पियो से करीब 10 से 12 युवक वहां पहुंचे. आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद युवकों ने मारपीट शुरू कर दी. सौरभ की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उनके दोस्त अनमोल को धक्का देकर गिरा दिया और सौरभ को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर वहां से ले गए. घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस ने जांच शुरू की और CCTV समेत अन्य साक्ष्यों को खंगाला.
चलती गाड़ी में गला दबाने का आरोप
सौरभ कुमार की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्हें जबरन स्कॉर्पियो में बैठाने के बाद चलती गाड़ी में उनका गला दबाया गया. इसके अलावा आरोपियों पर मोबाइल फोन और करीब 20 ग्राम सोने की चेन छीनने का भी आरोप है. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की. इन्हीं सुरागों के आधार पर सौरभ की तलाश की गई और करीब दो घंटे में उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया. अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपों की विस्तृत जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में कौन-कौन लोग सीधे तौर पर शामिल थे और किन लोगों की भूमिका सहायक रही. जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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