पिता निकाले गए, बेटी बागी! अंबा प्रसाद के तेवर से बढ़ी कांग्रेस की टेंशन
Yogendra Saw के निष्कासन के बाद उनकी बेटी Amba Prasad ने खुलकर बगावती तेवर दिखाए हैं. सरकार, प्रशासन और Indian National Congress पर लगातार हमलों से झारखंड की सियासत गरमा गई है.


Ranchi: झारखंड की राजनीति में अब टकराव खुलकर सामने आ गया है. पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस से 3 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद उनकी बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने भी सरकार और सिस्टम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अंबा प्रसाद के लगातार तीखे सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. उन्होंने सीधे तौर पर सरकार, प्रशासन और अपनी ही पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पार्टी अनुशासन के नाम पर अब अंबा प्रसाद पर भी कार्रवाई हो सकती है, या फिर यह मामला कांग्रेस के अंदरूनी संकट को और गहरा करेगा.
“हमारी लड़ाई सिस्टम से है…”—अंबा प्रसाद का पहला हमला
अंबा प्रसाद ने अपने पोस्ट में साफ तौर पर सिस्टम और राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए लिखा— “हमारी लड़ाई सिस्टम के खिलाफ है और सिस्टम मेरे खिलाफ—यह तो होना ही था. अगर गलत को गलत कहना और सही के लिए लड़ना गलत है, तो हम गलत हैं. पार्टी और सरकार दोनों जनता के समर्थन से चलती हैं, अब जनता ही तय करे कि कौन गलत है. आवाज को दबाना आसान है, लेकिन जिस लड़ाई का आगाज़ हो गया है, उसे दबाना मुश्किल है. हम 2013 का कानून लागू करवा कर ही दम लेंगे. अगर कोई सोच रहा है कि घायल शेर कुछ नहीं कर पाएगा, तो वे नहीं जानते कि घायल शेर और भी खतरनाक होता है. JMM, झारखंड प्रदेश कांग्रेस और BJP—इन तीनों पर हम अकेले भारी पड़ रहे हैं… प्रदेश कांग्रेस की चुप्पी पर हमें दया आती है… लेकिन मुझे कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर पूरा भरोसा है… जून तक सबको सच्चाई दिख जाएगी.”
निर्मला देवी मामले पर सरकार को घेरा, सीएम से सीधे सवाल
दूसरे पोस्ट में अंबा प्रसाद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए प्रशासन और NTPC पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने लिखा— “पूर्व विधायक निर्मला देवी को घर तोड़ने से पहले NTPC और पुलिस ने मोबाइल छीनकर, नाइटी में, नंगे पैर घसीटते हुए थाने ले जाकर बंद कर दिया. मुझे खुद जाकर उन्हें साड़ी पहनानी पड़ी. मुख्यमंत्री जी, क्या पुलिस और NTPC को ऐसे अमानवीय व्यवहार की ट्रेनिंग दी जाती है? क्या ऐसे काम के लिए मेडल मिलता है? शायद अपराधियों के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं होता. ऐसा लगता है कि हमें अपमानित करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए थे. NTPC ने न्यायपालिका का सम्मान नहीं किया और पुलिस प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया. सुशासन कब कुशासन बन जाता है, यह जनता देख रही है. ताकत के इस खेल में कोई ज्यादा दिन नहीं टिकता.”
इन बयानों के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. अब नजर इस बात पर है कि कांग्रेस नेतृत्व इस मामले को कैसे संभालता है—क्या अंबा प्रसाद पर भी कार्रवाई होगी या यह टकराव और बड़ा रूप लेगा.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.





Leave a comment