मनरेगा को कमजोर करने के प्रयासों पर केंद्र सरकार पर बरसीं मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह
टीआरटीसी में आयोजित संगठन सृजन अभियान के तहत 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में झारखंड और ओडिशा के नव नियुक्त जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के साथ संवाद करते हुए राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी.

Chaibasa: टीआरटीसी में आयोजित संगठन सृजन अभियान के तहत 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में झारखंड और ओडिशा के नव नियुक्त जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के साथ संवाद करते हुए राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर मनरेगा कानून को कमजोर करने के प्रयासों का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कानून की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसे किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा.
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने अपने संबोधन में झारखंड में पेसा नियमावली लागू होने को एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से आदिवासी समाज और जनप्रतिनिधियों की प्रमुख मांग रही थी. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था और कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इसे लागू करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पेसा नियमावली का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि आम लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके.
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पेसा को लेकर उनके रुख में आए बदलाव का जवाब संगठन के माध्यम से दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड में लागू की गई पेसा नियमावली एक मॉडल के रूप में उभरेगी, जिसे देश के अन्य राज्य भी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. इस दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका को और सक्रिय बनाने पर भी जोर दिया.
कार्यक्रम में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू ने मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पेसा नियमावली के ड्राफ्ट तैयार करने से लेकर उसे हेमंत सोरेन की सरकार और कैबिनेट से मंजूरी दिलाने तक उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि राज्य की 2066 पंचायतों में पेसा लागू होने से संगठन को मजबूती मिलेगी और जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी इसके सफल क्रियान्वयन में अहम होगी. वहीं, आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बारला ने पेसा कानून को आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा करने वाला बताया.
इस मौके पर सह प्रभारी श्रीवेला प्रसाद, सह अध्यक्ष भूपेंद्र मरावी, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, रामगढ़ विधायक ममता देवी और सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान संगठन को मजबूत करने, नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया.

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