Crime News: खूंटी में PLFI के 3 उग्रवादी गिरफ्तार, हथियार और कारतूस बरामद
खूंटी पुलिस ने कर्रा थाना क्षेत्र के मुरहू जंगल में कार्रवाई करते हुए PLFI के तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से हथियार, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. पूछताछ में उन्होंने फायरिंग और आगजनी की कई घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है.

झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस को उग्रवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है. कर्रा थाना क्षेत्र के मुरहू जंगल में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में जुटे थे. गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल इलाके में छापेमारी की और तीनों को हथियारों के साथ दबोच लिया. गिरफ्तार आरोपियों के पास से देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और संगठन से जुड़े पर्चे बरामद किए गए हैं. पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य साथियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है. इस कार्रवाई को इलाके में उग्रवादी गतिविधियों पर बड़ी चोट माना जा रहा है.
गुप्त सूचना के आधार पर हुई पुलिस कार्रवाई
खूंटी पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग को सूचना मिली थी कि पीएलएफआई संगठन से जुड़े कुछ उग्रवादी मुरहू जंगल में जमा हुए हैं. बताया गया कि वे किसी बड़ी घटना की योजना बना रहे थे. सूचना मिलते ही एसडीपीओ तोरपा क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. टीम ने जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया. तलाशी में उनके पास से एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए.
कई घटनाओं में शामिल होने की बात कबूली
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई आपराधिक घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है. आरोपियों की पहचान सैमुएल गुड़िया, धीरज स्वांसी और सुनिल स्वांसी के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने कर्रा थाना क्षेत्र में रेलवे कार्य में लगे वाहनों पर फायरिंग और आगजनी की घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है. इसके अलावा तोरपा इलाके में गैस वाहन पर हुई गोलीबारी में भी इनके शामिल होने की बात सामने आई है.
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से मिले मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनके संपर्क किन-किन लोगों से थे और संगठन की आगे की क्या योजनाएं थीं. मामले में आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में उग्रवादी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसे संगठनों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा.

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