केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश किया. यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया. खास बात यह रही कि कई वर्षों बाद बजट रविवार को पेश किया गया. इस बजट से मिडिल क्लास, उद्योग जगत और कारोबारी वर्ग को महंगाई से राहत, टैक्स सुधार और रोजगार सृजन की उम्मीद थी. बजट भाषण में सरकार का फोकस विकास, निवेश और समावेशी प्रगति पर साफ नजर आया.
महंगाई और मिडिल क्लास को राहत का संकेत
बजट से पहले रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं—दाल, तेल, चावल, सब्जियां, दवाइयां और बिजली-पानी—पर टैक्स में राहत की उम्मीद जताई जा रही थी. सरकार ने संकेत दिए कि महंगाई को नियंत्रित करने और घरेलू खर्च कम करने के प्रयास जारी रहेंगे. साथ ही टैक्स सिस्टम को सरल और झंझट-मुक्त बनाने पर भी जोर दिया गया.
FY27 के लिए कैपेक्स ₹12.2 लाख करोड़
वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि 2014-15 में यह खर्च जहां ₹2 लाख करोड़ था, वहीं BE 2025-26 में यह ₹11.2 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है. बढ़े हुए कैपेक्स का बड़ा हिस्सा टियर-2 और टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खर्च किया जाएगा.
सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव
तेज और पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा है. ये प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों को जोड़ेंगे और यात्रा समय के साथ कार्बन उत्सर्जन को भी कम करेंगे.
प्रस्तावित रूट:
- मुंबई–पुणे
- पुणे–हैदराबाद
- हैदराबाद–बेंगलुरु
- हैदराबाद–चेन्नई
- चेन्नई–बेंगलुरु
- दिल्ली–वाराणसी
- वाराणसी–सिलीगुड़ी
PFC और REC के पुनर्गठन की घोषणा
सरकार ने Power Finance Corporation (PFC) और Rural Electrification Corporation (REC) के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ ही Viksit Bharat के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग सेक्टर के लिए नई विकास रणनीति बनाने को एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी.
कॉर्पोरेट बॉन्ड और विदेशी निवेश को बढ़ावा
बजट में कॉर्पोरेट बॉन्ड के लिए Total Return Swaps शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया. साथ ही विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए FEMA नियमों की समीक्षा कर उन्हें अधिक आधुनिक और निवेशक-अनुकूल बनाया जाएगा.
पूर्वी भारत और पश्चिम बंगाल पर विशेष फोकस
सरकार ने पूर्वी भारत और पश्चिम बंगाल के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की घोषणा की. पूर्व के डांकोंनी से पश्चिम के सूरत तक एक नया समर्पित फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा. इसके अलावा अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू करने की योजना है.
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए इंटीग्रेटेड प्रोग्राम
रोजगार-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार ने पांच स्तंभों वाला इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल प्रोग्राम पेश किया. इसमें नेशनल फाइबर स्कीम, टेक्सटाइल एक्सपैंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम, नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम और मेगा टेक्सटाइल पार्क शामिल हैं.
SMEs के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड
छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है, जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन और उद्यम विस्तार है.
ISM 2.0 और सेमीकंडक्टर मिशन
सरकार ने India Semiconductor Mission (ISM) 2.0 लॉन्च करने की घोषणा की. इसके तहत सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट, मटीरियल्स, इंडियन IP और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा.
हेल्थ और बायोफार्मा पर जोर
बजट में BioPharma Strategy के जरिए हेल्थकेयर और डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने की बात कही गई.
तीन कर्तव्यों से प्रेरित बजट
वित्त मंत्री ने कहा कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है और सरकार तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है—
- उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर तेज व टिकाऊ विकास
- लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना
- सबका साथ, सबका विकास के तहत संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना
कुल मिलाकर, बजट 2026 को इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है.

