झारखंड में डेमोग्राफिक बदलाव को लेकर भाजपा का सरकार पर हमला, नीरा यादव ने उठाए सवाल
रांची में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन पर विधायक डॉ. नीरा यादव ने झारखंड सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कथित डेमोग्राफिक बदलाव, घुसपैठ, रोजगार और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए. साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं और आदिवासी समाज के सम्मान से जुड़े प्रयासों का भी जिक्र किया.

रांची:- झारखंड में जनसांख्यिकीय बदलाव, कथित घुसपैठ और राज्य सरकार की कार्यशैली को लेकर भाजपा ने सवाल उठाए हैं. रांची के सुकुरहुटू में आयोजित पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन पर कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित काम नहीं कर रही है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कैबिनेट बैठकों और जनता से संवाद के मुद्दे भी उठाए. नीरा यादव ने राज्य में कथित जनसांख्यिकीय बदलाव, प्रशासनिक व्यवस्था और खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों पर चिंता जताई. साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों और आदिवासी समाज के सम्मान के लिए किए गए प्रयासों का जिक्र किया. उनके बयान में राज्य और केंद्र सरकारों की नीतियों को लेकर भाजपा का रुख सामने आया.
राज्य सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
नीरा यादव ने महागठबंधन सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में युवाओं के रोजगार और उनके सपनों से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में मंगलवार को कैबिनेट बैठक होने और प्रोजेक्ट भवन में जनता से संवाद का उदाहरण दिया. उन्होंने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कैबिनेट बैठकों को लेकर भी अपनी बात रखी.
डेमोग्राफिक बदलाव और घुसपैठ का मुद्दा
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि झारखंड में तेजी से जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहा है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से इसे लेकर स्पष्ट नीति सामने नहीं आई है. उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के विरोध को भी राजनीतिक मुद्दा बताते हुए सरकार पर निशाना साधा. ये आरोप नीरा यादव ने पार्टी की बैठक के बाद दिए गए बयान में लगाए.
भ्रष्टाचार और संसाधनों के इस्तेमाल पर चिंता
नीरा यादव ने अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया. उन्होंने ट्रेजरी और जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड से जुड़े मामलों का जिक्र किया. साथ ही राज्य के जंगलों और खनिज संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार की आलोचना की. इन मुद्दों पर उन्होंने जवाबदेही और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की.
मोदी सरकार के फैसलों और आदिवासी सम्मान का जिक्र
कार्यसमिति की बैठक के निष्कर्षों पर बात करते हुए नीरा यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों का उल्लेख किया. उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण दिया. आदिवासी समाज के सम्मान के मुद्दे पर उन्होंने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने और भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य जनजातीय नायकों को सम्मान देने की पहल का जिक्र किया.
आवास, मुफ्त अनाज और स्वास्थ्य योजनाओं की चर्चा
नीरा यादव ने केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त अनाज वितरण और आयुष्मान भारत योजना को गरीब परिवारों के लिए महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि पक्का आवास मिलने से जरूरतमंद परिवारों को राहत मिली है. साथ ही आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के इलाज और हर घर नल से जल जैसी पहलों का भी जिक्र किया. बैठक में भाजपा ने केंद्र की योजनाओं और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर अपना पक्ष रखा.

