बिहार विधान परिषद चुनाव: RJD की लिस्ट जारी होते ही बढ़ी हलचल, रोहिणी आचार्य ने जताई नाराजगी
RJD की पहली उम्मीदवार सूची सामने आने के बाद पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उम्मीदवारों के चयन पर नाराजगी जताई है. उन्होंने बिना किसी नाम का जिक्र किए कथित तौर पर अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देने पर सवाल उठाया.

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की पहली उम्मीदवार सूची जारी होते ही पार्टी के अंदर से विरोध के स्वर सामने आने लगे हैं. लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने टिकट बंटवारे को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने किसी उम्मीदवार का नाम लिए बिना पार्टी में कथित तौर पर अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता दिए जाने पर सवाल उठाया. रोहिणी ने इसे पार्टी के समर्पित नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अनादर बताया है. उनके बयान के बाद आरजेडी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए आरजेडी की पहली सूची जारी
आरजेडी ने 11 सितंबर को बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव के लिए छह उम्मीदवारों के नाम घोषित किए. पार्टी की ओर से पटना शिक्षक सीट पर डॉ. संजीव कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं पटना स्नातक सीट से दिलीप कुमार को टिकट दिया गया है. कोसी स्नातक सीट से नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक सीट से अनिल कुमार झा और सारण शिक्षक सीट से प्रो. जयराम यादव को मैदान में उतारा गया है. तिरहुत स्नातक सीट से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया गया है. हालांकि, पार्टी ने आठ में से दो सीटों पर अभी उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है. इस वजह से बाकी दो सीटों को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं.
उम्मीदवारों की सूची के बाद रोहिणी ने जताई नाराजगी
आरजेडी की पहली सूची सामने आने के बाद रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बिना किसी उम्मीदवार का नाम लिए टिकट वितरण में कथित तौर पर अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता दिए जाने पर सवाल उठाया. रोहिणी ने कहा कि ऐसे लोगों को तरजीह देना उन नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का घोर अनादर है, जिन्होंने पार्टी के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है. उनका यह बयान सीधे तौर पर पार्टी के टिकट बंटवारे की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है. हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी विशेष उम्मीदवार या सीट का नाम लेकर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया.
‘निष्ठावान लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी’
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना निष्ठावान लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी के समान है. रोहिणी ने अपने तर्क को लालू प्रसाद यादव की विचारधारा और आरजेडी के मूल सिद्धांतों से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी को उन लोगों को महत्व देना चाहिए, जिन्होंने मुश्किल दौर में संगठन का साथ दिया. उनके इस बयान को पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
लालू की विचारधारा का हवाला देकर संगठन पर उठाया सवाल
रोहिणी आचार्य ने टिकट वितरण को सिर्फ उम्मीदवारों के चयन का मामला नहीं बताया, बल्कि इसे पार्टी की विचारधारा से भी जोड़ दिया. उन्होंने संकेत दिया कि अगर लंबे समय से संगठन के लिए काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की जगह कथित तौर पर अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता दी जाती है, तो इससे पार्टी के मूल सिद्धांत प्रभावित हो सकते हैं. उनका कहना है कि ऐसे फैसलों से संगठन की मजबूती को नुकसान पहुंचने की आशंका है. रोहिणी की इस टिप्पणी के बाद अब यह देखना अहम होगा कि आरजेडी नेतृत्व इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और बाकी दो विधान परिषद सीटों के लिए किन चेहरों को मौका मिलता है.
दो सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान अभी बाकी
आरजेडी ने फिलहाल बिहार विधान परिषद की आठ सीटों में से छह पर ही उम्मीदवारों की घोषणा की है. ऐसे में बाकी दो सीटों पर होने वाले फैसले पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर बनी हुई है. रोहिणी आचार्य के बयान के बाद इन सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी के भीतर की चर्चा और तेज हो सकती है. फिलहाल आरजेडी की ओर से रोहिणी आचार्य की टिप्पणी पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. बिहार विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के साथ-साथ अब आरजेडी के अंदरूनी समीकरण भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गए हैं.

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