JPSC केस में आज बड़ा दिन, एल ख्यांग्ते समेत 5 आरोपियों की जमानत पर कोर्ट में सुनवाई
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी मामले में एल ख्यांग्ते समेत पांच आरोपियों की जमानत पर आज CID की विशेष अदालत में सुनवाई होगी.

Ranchi : JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में आज का दिन अहम माना जा रहा है. CID की विशेष अदालत में पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है. जिन लोगों की बेल याचिका पर अदालत में सुनवाई होगी, उनमें एल ख्यांग्ते के अलावा पवन सिंह, श्वेता गुप्ता, अभय तिवारी और सौरभ सुमन शामिल हैं. सभी आरोपी JPSC परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं.
CID ने इस मामले में केस नंबर 16/2026 दर्ज कर जांच शुरू की थी. जांच के दौरान एजेंसी ने 10 अगस्त को एल ख्यांग्ते को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई और रिमांड अवधि पूरी होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद अब उनकी जमानत याचिका पर अदालत के रुख पर नजर है. इस मामले में अब तक 20 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है.
एल ख्यांग्ते पर क्या हैं जांच एजेंसी के आरोप?
CID की जांच में एल ख्यांग्ते पर परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TDPL से कथित तौर पर करीब दो करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, ये आरोप जांच का हिस्सा हैं और मामले में अदालत का अंतिम फैसला अभी बाकी है.
जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों में उनकी भूमिका की जांच की गई है. इसी आधार पर गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की गई थी.
पांच आरोपियों की बेल पर आज सुनवाई
CID की विशेष अदालत में आज पांच आरोपियों की जमानत याचिकाएं सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं. इनमें एल ख्यांग्ते, पवन सिंह, श्वेता गुप्ता, अभय तिवारी और सौरभ सुमन शामिल हैं.
अदालत में बचाव पक्ष की ओर से जमानत के पक्ष में दलीलें रखी जाएंगी, जबकि जांच एजेंसी की ओर से आरोपों और जांच की स्थिति के आधार पर अपना पक्ष रखा जा सकता है. सुनवाई के बाद अदालत का फैसला मामले की आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण होगा.
10 अगस्त को हुई थी एल ख्यांग्ते की गिरफ्तारी
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान CID ने एल ख्यांग्ते को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी.
पूछताछ में परीक्षा प्रक्रिया, एजेंसी के चयन और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच की गई. रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था.
अभय तिवारी के बयान से बढ़ी जांच की अहमियत
इस मामले में आरोपी अभय तिवारी के कथित स्वीकारोक्ति बयान को भी जांच का अहम हिस्सा बताया जा रहा है. CID के सामने दिए गए बयान में ख्यांग्ते की कथित भूमिका का जिक्र होने की बात सामने आई है.
बताया गया है कि बयान में TDPL को परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के तौर पर चुने जाने की प्रक्रिया में ख्यांग्ते की कथित भूमिका का उल्लेख किया गया है. हालांकि, किसी आरोपी का कथित बयान अपने आप में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं होता और आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी.
20 से ज्यादा गिरफ्तारियां, जांच अभी जारी
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े इस मामले में CID अब तक 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, एजेंसी के चयन और वित्तीय लेनदेन समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है.
अब पांच आरोपियों की जमानत पर होने वाली सुनवाई पर सबकी नजर है. अदालत का रुख यह तय करने में अहम होगा कि आरोपियों को फिलहाल राहत मिलती है या उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा. मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच एजेंसी द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों पर निर्भर करेगी.

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