Jharkhand Weather: 18 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट, 40 KM की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं
झारखंड में मानसून फिर सक्रिय हो गया है. IMD ने आज 18 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 KM प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है. 6 जिलों में ऑरेंज और 12 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.

Jharkhand Weather: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र का असर राज्य के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है. राजधानी रांची समेत कई जिलों में मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने आज 25 अगस्त को राज्य के 18 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. छह जिलों में ऑरेंज और 12 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक 28 अगस्त तक राज्य में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
6 जिलों में ऑरेंज और 12 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने झारखंड के छह जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इनमें सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार शामिल हैं. इन जिलों में 64.5 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है. वहीं पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गढ़वा, पलामू, चतरा और गिरिडीह में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बन सकती है. ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है.
40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं
बारिश के साथ झारखंड के कई हिस्सों में तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. दक्षिणी और मध्य झारखंड के अलावा राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना है. गरज-चमक के दौरान तेज हवाओं के कारण पेड़ की शाखाएं टूटने, बिजली के तारों में परेशानी और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है. खासकर पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए. किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है. बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे बेहतर विकल्प रहेगा.
इन जिलों में नहीं है विशेष अलर्ट, फिर भी वज्रपात का खतरा
देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है. हालांकि, इन जिलों में भी गरज के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है. ऐसे में अलर्ट नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि इन इलाकों में मौसम पूरी तरह सामान्य रहेगा. स्थानीय स्तर पर अचानक गरज-चमक और तेज बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों से आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत या ऊंची जगहों पर जाने से बचने की अपील की है. पेड़ के नीचे खड़े होना भी जोखिम भरा हो सकता है. बिजली के खंभों और खुले बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखना जरूरी है. मौसम खराब होने पर घर के अंदर रहना और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना सुरक्षित रहेगा.
28 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से झारखंड में 28 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. राजधानी रांची समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है. 27 अगस्त को रांची में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है. वहीं 30 अगस्त तक राजधानी में आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. निम्न दबाव के कारण राज्य में मानसूनी गतिविधियां और सक्रिय हो सकती हैं. इससे कई जिलों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति भी बन सकती है.
रांची में बारिश से 3.4 डिग्री गिरा तापमान
निम्न दबाव के प्रभाव का असर राजधानी रांची के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है. सोमवार को दोपहर करीब तीन बजे डंगराटोली, लालपुर समेत राजधानी के कई इलाकों में बारिश शुरू हुई. करीब एक घंटे तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला चलता रहा. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार को रांची में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बारिश के कारण राजधानी के तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. इससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिली. बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में मौसम सुहावना हो गया. आने वाले दिनों में भी रांची में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने 27 अगस्त को भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. ऐसे में राजधानी के लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव के लिए तैयार रहना होगा.
सिमडेगा में सबसे ज्यादा 30 मिमी बारिश दर्ज
सोमवार को झारखंड के कई जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई. सबसे ज्यादा 30 मिलीमीटर बारिश सिमडेगा में दर्ज हुई. इसके अलावा सरायकेला में 18 मिलीमीटर, मेदिनीनगर में 15 मिलीमीटर, चाईबासा में 9 मिलीमीटर, खूंटी में 8 मिलीमीटर, लोहरदगा में 6 मिलीमीटर और बोकारो में 3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बारिश के कारण राज्य के अधिकांश जिलों के तापमान में गिरावट देखने को मिली. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं. खासकर दक्षिणी और मध्य झारखंड के जिलों में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना है. लगातार बारिश से किसानों को राहत मिल सकती है, वहीं शहरी और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है. प्रशासन और स्थानीय लोगों को संभावित भारी बारिश को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है.
झारखंड में अब भी 11 प्रतिशत बारिश की कमी
राज्य में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद मानसून की कुल स्थिति अभी सामान्य से कमजोर बनी हुई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 24 अगस्त तक झारखंड में सामान्य तौर पर 744.5 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. इसके मुकाबले अब तक राज्य में 661.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. इस तरह झारखंड में सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है. हालांकि, हाल के दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे आने वाले समय में इस कमी के कुछ हद तक दूर होने की उम्मीद है. बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का असर राज्य में बारिश बढ़ाने में मदद कर सकता है. यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती है, तो राज्य के कुल मानसूनी आंकड़े में सुधार देखने को मिल सकता है.
कई जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
राज्य में कुल बारिश भले ही सामान्य से कम है, लेकिन कुछ जिलों में मानसून का प्रदर्शन बेहतर रहा है. पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 46 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं रांची में सामान्य से 4 प्रतिशत, सिमडेगा में 7 प्रतिशत, सरायकेला-खरसावां में 8 प्रतिशत और खूंटी में 5 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है. इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने के बावजूद राज्य का कुल आंकड़ा अभी भी 11 प्रतिशत कम है. मौसम विभाग को उम्मीद है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. इससे राज्य के उन इलाकों को फायदा मिल सकता है जहां अब तक बारिश सामान्य से कम रही है. लगातार बारिश होने पर जलस्रोतों में पानी की उपलब्धता बढ़ने और कृषि गतिविधियों को भी राहत मिलने की संभावना है.
भारी बारिश वाले जिलों में सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी वाले जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में लोगों को जलभराव वाले रास्तों और पुल-पुलियों को पार करने से बचना चाहिए. वज्रपात के समय खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होना भी खतरनाक हो सकता है. बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने पर सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है. मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने के साथ स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए. खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम बिगड़ने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है.

