झारखंड राज्य सूचना आयोग में चार सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का रास्ता साफ, राज्यपाल ने दी मंजूरी
झारखंड राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से लंबित सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर चार सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को सशर्त स्वीकृति प्रदान कर दी है.

Ranchi : झारखंड राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से लंबित सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर चार सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को सशर्त स्वीकृति प्रदान कर दी है. मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार जल्द ही नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी कर सकती है, जिसके बाद चयनित सदस्यों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी होगी. सूचना आयोग में रिक्त पदों को भरने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. हालांकि राज्यपाल ने नियुक्तियों को मंजूरी देते हुए कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां और निर्देश भी दिए हैं, जिनमें मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति तथा प्रक्रिया की वैधानिकता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है.
चार नामों को मिली मंजूरी, जल्द जारी होगी अधिसूचना
राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक को सूचना आयुक्त नियुक्त करने की अनुशंसा की गई थी. राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद इन नियुक्तियों पर औपचारिक मुहर लग गई है. अब सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद सभी चयनित सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी. माना जा रहा है कि आयोग में रिक्त पद भरने से सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को गति मिलेगी.
मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति जल्द करने का निर्देश
स्वीकृति देते समय राज्यपाल ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के रिक्त पद को जल्द भरा जाए. उनका मानना है कि आयोग के प्रभावी संचालन और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति आवश्यक है. राज्यपाल ने यह भी कहा कि सूचना आयोग की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाए रखने के लिए शीर्ष पदों पर नियुक्तियां समयबद्ध तरीके से की जानी चाहिए.
नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार पर जवाबदेही
राज्यपाल ने अपने अनुमोदन में यह स्पष्ट किया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की प्रक्रियागत त्रुटि सामने आने या सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन से जुड़ा कोई विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में इसकी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी. उन्होंने संकेत दिया कि नियुक्तियों से संबंधित सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का परीक्षण राज्य सरकार के स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह की जटिलता पैदा न हो.
दो बार लौट चुकी थी नियुक्ति से जुड़ी फाइल
सूचना आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने से पहले यह प्रक्रिया कई चरणों से गुजरी. जानकारी के अनुसार राज्यपाल ने पूर्व में दो बार इस संबंध में भेजी गई फाइल को सरकार को वापस कर दिया था. पहली बार कुछ चयनित नामों की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था. इसके बाद संशोधित जानकारी के साथ प्रस्ताव दोबारा भेजा गया, लेकिन कुछ अन्य बिंदुओं पर अतिरिक्त स्पष्टता की आवश्यकता बताते हुए फाइल फिर लौटाई गई. इस दौरान विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों की ओर से भी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं. सभी पहलुओं पर विचार और आवश्यक स्पष्टीकरण मिलने के बाद अब राज्यपाल ने चारों नामों को मंजूरी दे दी है, जिससे सूचना आयोग में नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है.

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