IT Stock Crash: निफ्टी 1700 अंक टूटा, TCS समेत दिग्गज शेयर 9% तक लुढ़के
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया. सुबह कमजोरी के साथ खुला बाजार दिन चढ़ने के साथ और दबाव में आ गया. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 1.5 फीसदी तक टूट गए

IT Stock: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया. सुबह कमजोरी के साथ खुला बाजार दिन चढ़ने के साथ और दबाव में आ गया. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 1.5 फीसदी तक टूट गए, जबकि सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर पर देखने को मिला. निफ्टी आईटी इंडेक्स 1700 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जो हाल के महीनों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक माना जा रहा है. टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एआई को लेकर बढ़ती चिंताएं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और हालिया रैली के बाद मुनाफावसूली ने आईटी शेयरों पर दबाव बढ़ाया है. इसके चलते पूरे बाजार में नकारात्मक माहौल देखने को मिला.
निफ्टी IT में 1700 अंकों से ज्यादा की गिरावट
आईटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव सबसे अधिक देखने को मिला. दोपहर 12:30 बजे तक निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.7 फीसदी से ज्यादा टूटकर 29,338 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. यह गिरावट निवेशकों की कमजोर धारणा और सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है. पिछले कुछ सत्रों में आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन अचानक आई बिकवाली ने पूरे सेक्टर को लाल निशान में पहुंचा दिया. बड़े निवेशकों से लेकर रिटेल निवेशकों तक ने मुनाफावसूली और जोखिम कम करने के लिए आईटी शेयरों में बिक्री की, जिससे इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई.
TCS समेत दिग्गज शेयरों में बड़ी गिरावट
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई. टीसीएस का शेयर करीब 9 फीसदी टूटकर 2231 रुपये के आसपास पहुंच गया, जो कई वर्षों के निचले स्तरों में गिना जा रहा है. इंफोसिस, एचसीएल टेक और विप्रो के शेयर भी 3 से 5 फीसदी तक टूट गए. इसके अलावा टेक महिंद्रा, एमफैसिस, कोफोर्ज और एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज जैसे शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई. निवेशकों ने बड़े पैमाने पर आईटी स्टॉक्स से दूरी बनाई, जिससे पूरे सेक्टर का मार्केट कैपिटलाइजेशन प्रभावित हुआ और बाजार में नकारात्मक माहौल गहरा गया.
AI को लेकर बढ़ी चिंता बनी बड़ी वजह
आईटी शेयरों में गिरावट की प्रमुख वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं को माना जा रहा है. बाजार में यह धारणा मजबूत हो रही है कि जनरेटिव एआई और ऑटोमेशन आधारित तकनीकें पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग को प्रभावित कर सकती हैं. कई निवेशकों को आशंका है कि भविष्य में आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल और राजस्व वृद्धि पर इसका असर पड़ सकता है. इसी डर के कारण निवेशकों ने आईटी सेक्टर में जोखिम कम करने के लिए शेयरों की बिकवाली शुरू कर दी. इस मनोवैज्ञानिक दबाव ने सेक्टर में गिरावट को और तेज कर दिया.
हालिया रैली के बाद मुनाफावसूली का असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के कारोबारी सत्रों में आईटी शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी. निफ्टी आईटी इंडेक्स पिछले कुछ दिनों में 6 फीसदी से अधिक चढ़ा था. ऐसे में कई निवेशकों ने इस तेजी का फायदा उठाते हुए मुनाफावसूली शुरू कर दी. जब बड़े निवेशकों ने शेयर बेचना शुरू किया तो इसका असर पूरे सेक्टर पर दिखाई दिया. मुनाफावसूली के दबाव ने पहले से कमजोर बाजार भावना को और प्रभावित किया, जिससे आईटी शेयरों में गिरावट और गहरी हो गई. यह तकनीकी और मनोवैज्ञानिक दोनों कारणों से आई गिरावट मानी जा रही है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बढ़ाया दबाव
आईटी सेक्टर पर विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का भी बड़ा असर देखने को मिला. हाल के महीनों में वैश्विक निवेशक भारतीय बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं और नई तकनीकों तथा एआई आधारित अवसरों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं. विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी से आईटी कंपनियों के शेयरों में दबाव बढ़ा है. चूंकि भारतीय आईटी कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा वैश्विक बाजारों से आता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की धारणा का इन शेयरों पर सीधा प्रभाव पड़ता है. इसी वजह से सेक्टर में बिकवाली का दबाव और तेज हो गया.
पूरे बाजार में दिखी कमजोरी
आईटी सेक्टर के अलावा पूरे शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिला. दोपहर तक सेंसेक्स 1100 अंकों से ज्यादा टूटकर 73,500 के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 300 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा. बाजार के सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे. स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और जोखिम से बचने की निवेशकों की रणनीति ने बाजार पर दबाव बनाया. ऐसे माहौल में निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया.
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और समाचार उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों और बाजार रिपोर्ट्स पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है और किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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