झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी के नामांकन पर बवाल, विधानसभा के बाहर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है. निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से लेकर विधानसभा परिसर तक पहुंच गया है.

Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है. निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से लेकर विधानसभा परिसर तक पहुंच गया है. विधानसभा के बाहर कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन देखने को मिला. कांग्रेस नेताओं ने परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग करते हुए चुनाव आयोग पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. वहीं भाजपा कार्यकर्ता नाथवानी के समर्थन में मैदान में उतर आए हैं और उनके नामांकन को वैध बताते हुए कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक ड्रामा करार दे रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तनाव और बढ़ा दिया है. विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और सभी की नजरें अब रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर टिकी हुई हैं.
कांग्रेस का आरोप: मध्य प्रदेश और झारखंड में अलग-अलग नियम क्यों?
कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग मानदंड अपना रहा है. पार्टी नेताओं का आरोप है कि परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में मौजूद कथित खामियों को सुधारने का मौका दिया जा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया था. इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई वरिष्ठ नेता विधानसभा गेट नंबर-2 पर धरने पर बैठ गए. कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग उठाई.
विधानसभा परिसर में हंगामा, सुरक्षा कर्मियों से धक्का-मुक्की
प्रदर्शन के दौरान विधानसभा परिसर के बाहर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया. कांग्रेस समर्थकों ने विधानसभा परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके दौरान सुरक्षा कर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली. कई कार्यकर्ता झंडे और बैनर लेकर विधानसभा गेट तक पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और परिमल नाथवानी के मामले में विशेष रियायत दी जा रही है. दूसरी ओर प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की. पूरे घटनाक्रम के दौरान विधानसभा परिसर के बाहर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी रही, जिससे कुछ समय के लिए माहौल काफी गरमा गया.
भाजपा का पलटवार, सीपी सिंह ने उठाए सवाल
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के जवाब में भाजपा कार्यकर्ता भी विधानसभा पहुंच गए और परिमल नाथवानी के समर्थन में नारेबाजी करने लगे. भाजपा विधायक सीपी सिंह ने विधानसभा गेट नंबर-2 पर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोके जाने पर नाराजगी जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थकों को परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया. सीपी सिंह ने इसे दोहरा रवैया बताते हुए विधानसभा सचिव से शिकायत करने की बात कही. भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए दबाव की राजनीति कर रही है. पार्टी का दावा है कि परिमल नाथवानी का नामांकन पूरी तरह नियमों के अनुरूप है और कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए विवाद खड़ा कर रही है.
रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर टिकी नजरें
विधानसभा परिसर के बाहर जारी राजनीतिक हंगामे के बीच रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर सुनवाई चल रही है. सुनवाई में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा, बैद्यनाथ राम और परिमल नाथवानी के प्रतिनिधि मौजूद हैं. इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सलमान खुर्शीद भी विधानसभा पहुंचे हैं. वह कांग्रेस की ओर से कानूनी पक्ष रख रहे हैं. रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष के बाहर कांग्रेस नेताओं और विधायकों का बड़ा जमावड़ा देखा गया. मंत्री राधाकृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगाड़ी सहित कई नेता मौके पर मौजूद रहे. अब सभी की निगाहें रिटर्निंग ऑफिसर के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा.


