अक्षय कुमार की रेडबर्ड एयरवेज की उड़ान VT-AJV क्रैश, 25 मिनट की फ्लाइट में क्या हुआ—जांच में चौंकाने वाले एंगल
झारखंड के झारखंड के चतरा जिले के घने जंगलों में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब रांची से दिल्ली जा रहा मेडिकल एयर एम्बुलेंस प्लेन अचानक क्रैश हो गया. इस विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

Ranchi: झारखंड के झारखंड के चतरा जिले के घने जंगलों में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब रांची से दिल्ली जा रहा मेडिकल एयर एम्बुलेंस प्लेन अचानक क्रैश हो गया. इस विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. यह विमान दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का था, जो एयर एम्बुलेंस और चार्टर सेवाएं संचालित करती है. उड़ान भरने के 20–25 मिनट के भीतर एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया और कुछ देर बाद प्लेन सिमरिया के पास जंगल में गिरा मिला. इस हादसे में एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज, उसके परिजन, डॉक्टर, पैरामेडिक और दोनों पायलट शामिल थे. हादसे ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था बल्कि एयर एम्बुलेंस सर्विस के मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
उड़ान के 25 मिनट में टूटा संपर्क
जानकारी के अनुसार, बीचक्राफ्ट C90 मॉडल का एयर एम्बुलेंस विमान रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से शाम करीब 7:11 बजे दिल्ली के लिए उड़ा था. उड़ान के 20–25 मिनट के भीतर ही विमान का रडार और एटीसी संपर्क टूट गया. इसके बाद खोजबीन में सिमरिया थाना क्षेत्र के कसारिया/बरियातू पंचायत के जंगल में प्लेन के मलबे का पता चला. शुरुआती संकेत खराब मौसम और तेज हवाओं की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन अंतिम कारणों की पुष्टि जांच एजेंसियां करेंगी.
रेडबर्ड एयरवेज और उसका प्रोफाइल
यह विमान दिल्ली की रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित था. यह एक DGCA अप्रूव्ड नॉन-शेड्यूल्ड एयर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर है, जो चार्टर फ्लाइट, एयर एम्बुलेंस, कॉर्पोरेट जेट और प्राइवेट जेट सेवाएं देता है.
कंपनी की सेवाओं में शामिल हैं:
• एयर चार्टर और कॉर्पोरेट फ्लाइट्स
• मेडिकल इमरजेंसी एयर एम्बुलेंस
• प्राइवेट जेट और वेडिंग चार्टर
• हेलीकॉप्टर फ्लावर ड्रॉप और वीआईपी सेवाएं
2024 तक कंपनी के बेड़े में बीचक्राफ्ट किंग एयर C90, सुपर किंग एयर B200, B250, हॉकर 850XP, फाल्कन 2000 और अगस्ता 109 हेलीकॉप्टर जैसे विमान शामिल थे.
मालिक कौन: 2018 में शुरू हुआ कारोबार
रेडबर्ड एयरवेज के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अक्षय कुमार हैं. वह पेशे से एयरक्राफ्ट इंजीनियर हैं और एविएशन सेक्टर में लगभग 14 साल का अनुभव रखते हैं.
उन्होंने 2018 में कंपनी की शुरुआत की और 2019 में एयर ऑपरेटर परमिट हासिल किया. इसके बाद कंपनी ने मेडिकल इवैक्युएशन और प्राइवेट एविएशन सेक्टर में तेजी से विस्तार किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें एविएशन इंडस्ट्री के युवा उद्यमियों में गिना जाता है, जिनके पास खुद का एयरक्राफ्ट फ्लीट है.
8 लाख कर्ज लेकर बुक हुई थी फ्लाइट
इस हादसे की सबसे दर्दनाक परत वह परिवार है जिसने मरीज को बचाने के लिए एयर एम्बुलेंस बुक की थी. लातेहार के चंदवा निवासी संजय कुमार होटल चलाते थे और आगजनी की घटना में 60% तक झुलस गए थे. डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया. परिवार ने पहले ही इलाज में कर्ज ले रखा था, और एयर एम्बुलेंस बुक करने के लिए करीब 8 लाख रुपये का लोन लिया. लेकिन दुर्भाग्य से दिल्ली पहुंचने से पहले ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और संजय, उनकी पत्नी, रिश्तेदार, डॉक्टर, पैरामेडिक और दोनों पायलटों की जान चली गई.
जांच शुरू, DGCA एक्टिव
इस घटना के बाद एयर एम्बुलेंस सेवाओं की सुरक्षा और रेगुलेशन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य जांच एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच में जुट गई हैं.
जांच के प्रमुख बिंदु होंगे:
• मौसम और तकनीकी स्थिति
• एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और लॉगबुक
• पायलट का अनुभव और फ्लाइट प्लान
• एयर ट्रैफिक कंट्रोल से आखिरी संपर्क
विशेषज्ञों का मानना है कि एयर एम्बुलेंस जैसे संवेदनशील सेक्टर में सुरक्षा प्रोटोकॉल और मॉनिटरिंग को और मजबूत करने की जरूरत है.

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