नोएडा में सैलरी वृद्धि की मांग पर हिंसक प्रदर्शन, फेज-2 होजरी कॉम्प्लेक्स में तोड़फोड़-आगजनी, पुलिस जीप पलटी; प्रशासन सख्त
नोएडा के फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. होजरी कॉम्प्लेक्स में आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस जीप पलटने की घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है.


Noida: नोएडा के फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर सैकड़ों कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया. सेक्टर-60, 62, 63 और होजरी कॉम्प्लेक्स समेत कई जगहों पर सड़क जाम कर नारेबाजी की गई. प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, कई निजी वाहनों में आग लगा दी और पुलिस की एक जीप को पलटकर उसमें तोड़फोड़ की. हालात काबू में लाने के लिए भारी पुलिस बल, आरआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने स्थिति की निगरानी की. जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम के निर्देश पर औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई. तीन दिनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे सुबह के ट्रैफिक में भारी जाम लगा और ऑफिस जाने वाले लोगों को परेशानी हुई.
पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग
फेज-2 के होजरी कॉम्प्लेक्स, मदरसन फैक्ट्री के आसपास, सेक्टर-60 मेट्रो स्टेशन के पास, सेक्टर-62 गोलचक्कर और सेक्टर-63 की फैक्ट्री परिसर में कर्मचारी एकत्र हुए. सुबह करीब 9:30 बजे प्रदर्शन उग्र हो गया. कर्मचारियों ने सड़कें जाम कर दीं, पत्थर फेंके और वाहनों में आगजनी की. पुलिस वाहन को पलटने के बाद तोड़फोड़ की गई. आसपास के इलाकों में यातायात ठप हो गया. कुलेसरा से फेज-2 तक मार्च निकालते हुए सैकड़ों कर्मचारी सड़क पर उतरे. पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया. कुछ कर्मचारी और पुलिसकर्मी घायल हुए, एक महिला कर्मचारी को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया.
कर्मचारियों की मांगें
कर्मचारी हरियाणा सरकार के 35 प्रतिशत न्यूनतम वेतन वृद्धि का हवाला देते हुए नोएडा में भी समान वेतन संरचना की मांग कर रहे हैं. अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल श्रमिकों के लिए क्रमशः 15,220 से 19,426 रुपये मासिक वेतन की मांग की जा रही है. 12 घंटे की शिफ्ट में मात्र 9,000 रुपये वेतन, समय पर भुगतान न होना, ओवरटाइम की कमी और महंगाई का बोझ मुख्य शिकायतें हैं. एक्सपोर्ट कंपनियों (होजरी और गारमेंट यूनिट) के हजारों कर्मचारी पिछले तीन दिनों से काम बंद कर सड़क पर हैं. प्रदर्शनकारियों ने लिखित आश्वासन और फैक्ट्री में सीसीटीवी, साप्ताहिक अवकाश तथा महिलाओं की सुरक्षा की भी मांग की.
फैक्ट्री मालिकों को सख्त दिशानिर्देश
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए. डीएम मेधा रूपम ने फैक्ट्री मालिकों के साथ बैठक कर सख्त दिशानिर्देश जारी किए. अब ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, 10 तारीख तक पूर्ण वेतन, 30 नवंबर तक बोनस सीधे बैंक खाते में, साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य और मनमानी छंटनी पर रोक लगा दी गई. महिलाओं के लिए आंतरिक शिकायत समिति, शिकायत पेटी और कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे. पुलिस ने न्यूनतम बल का प्रयोग कर शांति बहाल करने की कोशिश की. अपर पुलिस आयुक्त ने सभी औद्योगिक क्षेत्रों में फोर्स बढ़ा दी और अफवाहों से बचने की अपील की.
फिलहाल काबू में हालात
हालात अब काबू में बताए जा रहे हैं, लेकिन फेज-2 में तनाव बरकरार है. प्रशासन नियमित निरीक्षण और संवाद के जरिए औद्योगिक शांति बनाए रखने का प्रयास कर रहा है. ट्रैफिक जाम के कारण दिल्ली-नोएडा-ग्रेटर नोएडा मार्ग प्रभावित रहा. सीएम योगी ने श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन और सुरक्षित वातावरण देने पर जोर दिया तथा किसी भी अराजक तत्व पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए. कर्मचारी अभी भी अपनी कुछ मांगों पर अड़े हैं, जबकि प्रशासन 24 घंटे के अंदर समस्याओं का समाधान निकालने का दावा कर रहा है. पूरे मामले की निगरानी जिला स्तर पर जारी है.

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